यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 28, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'PAK ने लगाई थी सीजफायर की गुहार', जयशंकर बोले- PM मोदी और ट्रंप के बीच नहीं हुई कोई बात
लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर बहस हुई जिसमें विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान को घेरा। उन्होंने सुरक्षा मामलों की ...और पढ़ें

HighLights
- ऑपरेशन सिंदूर को लेकर लोकसभा में विपक्ष के सवालों के जयशंकर ने दिया जवाब
- दुनिया में पाकिस्तान का असली चेहरा बेनकाब हुआ, हमने कड़ा संदेश दिया- जयशंकर
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा के मानसून सत्र के दौरान ऑपरेशन सिंदूर को लेकर जमकर बहसबाजी हुई। इस दौरान पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सदन को इस ऑपरेशन के बारे में बताया, फिर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी पाकिस्तान का धागा खोल दिया।
विदेश मंत्री ने सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी की मीटिंग से लेकर पाकिस्तानी दूतावास के सदस्यों को पर्सन ऑफ नॉन ग्रेटा घोषित किए जाने तक, सरकार के सभी महत्वपूर्ण कदम गिनाए।
सदन में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि 22 अप्रैल से 17 जून तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच कोई बातचीत नहीं हुई।
लोकसभा में गरजे जयशंकर
उन्होंने कहा कि दूतावासों को ब्रीफिंग देने के साथ ही मीडिया में भी यह जानकारी दी गई है कि भारत को अपने नागरिकों की रक्षा का अधिकार है। जयशंकर ने कहा, "पाकिस्तान सुरक्षा काउंसिल का सदस्य है, हम नहीं हैं। हमने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान के बारे में बताया।"
#WATCH | Speaking on Operation Sindoor in the House, EAM Dr S Jaishankar says, "The focus for our diplomacy was the UN Security Council. The challenge for us was that at this particular point, Pakistan is a member of the Security Council and we are not... Our goals in the… pic.twitter.com/6F7W6Ssxjk
— ANI (@ANI) July 28, 2025
उन्होंने कहा, "हमारी रेड लाइन पार कर गई, तब हमें सख्त कदम उठाने पड़े। हमने दुनिया के सामने पाकिस्तान का असली चेहरा बेनकाब किया। सिक्योरिटी काउंसिल में पाकिस्तान समेत केवल तीन देशों ने ऑपरेशन सिंदूर का विरोध किया। यूएन के 193 में से तीन सदस्यों ने ही इस ऑपरेशन का विरोध किया।"
'हमने पाकिस्तान को सिखाया सबक'
एस जयशंकर नेकहा कि संयुक्त राष्ट्र ने आतंकी हमले की निंदा की। पाकिस्तान ने TRF का बचाव किया था। 7 मई की सुबह मैसेज दिया गया और पाकिस्तान को सबक सिखाया गया। हमने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और हमने पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया।
