नई दिल्ली, प्रेट्र। सीआरपीएफ ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके परिवार के सदस्यों की सुरक्षा पर नए प्रोटोकॉल के बारे में पत्र लिखा है। इस समय कुल मिलाकर 57 वीवीआइपी को सुरक्षा मुहैया करा रहा सीआरपीएफ जल्द ही एक और बटालियन गठित करने की मंजूरी मांगेगा। इस समय वीवीआइपी की सुरक्षा में चार बटालियनों को लगाया गया है। एक बटालियन में एक हजार जवान होते हैं। सीआरपीएफ की कुल क्षमता तीन लाख जवानों की है।

पिछले दिनों गांधी परिवार की हटाई गई थी एसपीजी सुरक्षा

केंद्र सरकार ने इस महीने की शुरुआत में सोनिया गांधी, उनके बेटे राहुल गांधी और बेटी प्रियंका वाड्रा को एसपीजी की जगह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 'जेड प्लस' सुरक्षा मुहैया कराई थी। अधिकारियों ने बताया कि इन हाई प्रोफाइल लोगों के साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सीआरपीएफ की सुरक्षा देने के मद्देनजर बल विशेष हथियारबंद वाहनों की खरीद का भी अनुरोध करेगा।

केंद्र के फैसले के बाद नए प्रोटोकॉल लागू

सीआरपीएफ ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के माध्यम से राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की सरकारों को पत्र लिखकर बताया है कि केंद्र सरकार के निर्णय के बाद नए प्रोटोकॉल लागू हो गए हैं। इसने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह भी सूचित किया है कि गांधी परिवार को एडवांस्ड सिक्योरिटी लायजन (एएसएल) प्रोटोकॉल भी दिया गया है। इसकी सुरक्षा हासिल करने वाले पांच नए सदस्यों - सोनिया गांधी, राहुल, प्रियंका, मनमोहन सिंह और उनकी पत्नी गुरशरण कौर के किसी आधिकारिक या निजी दौरे पर जाने से पहले उनकी खुफिया, पुलिस और प्रशासनिक मशीनरी की जरूरत पड़ेगी।

SPG का काम अब CRPF करेगी

अधिकारियों ने बताया कि सीआरपीएफ की एक विशेष टीम इन स्थानों पर कम-से-कम 24 घंटे पहले जाएगी और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर वीवीआइपी के दौरे वाले स्थानों की जांच पड़ताल करेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'उन्हें मार्ग योजना और यात्रा मैप दिए जाने की जरूरत होगी। सीआरपीएफ अब वही काम करेगी जो एसपीजी करती थी।' सिंह दंपती की एसपीजी सुरक्षा सरकार ने अगस्त में वापस ले ली थी।

एसपीजी के बुलेट प्रूफ वाहनों के इस्तेमाल की अनुमति

सीआरपीएफ को गांधी परिवार और सिंह दंपती के लिए एसपीजी के बुलेट प्रूफ वाहनों के इस्तेमाल की अनुमति दी गई है। वहीं, नए हथियारबंद वाहनों की खरीद के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से अनुमति ली जाएगी, क्योंकि इसके सुरक्षा कवर में गृह मंत्री अमित शाह सहित 'उच्च सुरक्षा' वाले वीवीआइपी शामिल हैं।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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