नई दिल्ली, एजेंसी। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) समेत तमाम मंच पर कश्मीर मुद्दे को लेकर मुंह की खाने के बाद भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। पाकिस्तान ने कश्मीर मसले पर अंतरराष्ट्रीय अदालत (आइसीजे) जाने का फैसला किया। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने मंगलवार को बताया कि अब हम कश्मीर मसले को अंतरराष्ट्रीय अदालत में उठाएंगे।

हालांकि, इसमें भारत को किसी किस्म की चुनौती का सामना नहीं करना पड़ेगा, उसके पीछे वजह है भारत का बेहद मजबूत पक्ष। वहीं, इसके इतर संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने भी साफ कर दिया है कि पाकिस्तान जहां जाएगा, वहीं हम मजबूती से जवाब देंगे।

भारत सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से ARTICLE 370 हटा दिया गया। इसके खिलाफ ICJ जाने के पाकिस्तान के फैसले पर शीर्ष राजनयिक सैयद अकबरुद्दीन ने एक चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, 'हर देश को उसके पास उपलब्ध हर रास्ता अपनाने का अधिकार है... हमारी सोच भी अलग-अलग रहती है... अगर वे हमसे अलग-अलग मंच पर निपटना चाहते हैं, तो हम उसी मंच पर उन्हें जवाब देंगे...यह उनकी पसंद का मंच है... उन्होंने एक बार कोशिश की, लेकिन वे नाकाम रहे...'

पाक कैबिनेट ने कश्मीर मसले को आइसीजे में ले जाने की दी मंजूरी
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने एक पाकिस्तानी न्यूज चैनल से कहा था, 'कश्मीर मामले को अंतरराष्ट्रीय अदालत में उठाने का फैसला किया गया है।' वहीं, प्रधानमंत्री इमरान खान की विशेष सूचना सहायक फिरदौस आशिक अवान ने कहा था कि कैबिनेट ने कश्मीर मसले को आइसीजे में ले जाने की मंजूरी दे दी है।

बता दें कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने छह अगस्त को संसद के विशेष सत्र में कहा था कि वह कश्मीर मसले को सुरक्षा परिषद सहित हर मंच पर उठाएंगे। आईसीजे के पास भी ले जाएंगे।

सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान को नहीं मिली थी सफलता
पाकिस्तान अपने पुराने साथी चीन की मदद से कश्मीर मसले को लेकर सुरक्षा परिषद में पहुंचा था। सुरक्षा परिषद में बंद कमरे में सभी 15 सदस्य देशों की बैठक हुई थी, लेकिन पाकिस्तान को यहां भी कोई सफलता नहीं मिली। चीन को छोड़कर लगभग सभी देशों ने भारत के पक्ष का समर्थन किया। सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने साफ तौर पर कश्मीर को भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मसला बताया था।

बता दें कि जम्‍मू कश्‍मीर के मसले पर हर मोर्चे पर विफल होने के बाद पाकिस्‍तान अब अंतरराष्‍ट्रीय कोर्ट (ICJ) का रुख कर रहा है। इसको लेकर संसद में प्रस्‍ताव पारित किया जा चुका है। हालांकि ऐसा करते हुए वह भूल गया कि कुछ समय पहले ही पाकिस्‍तान को भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव के मामले पर इसी कोर्ट से मायूसी हाथ लगी थी। इससे भी सबक न लेते हुए फिर पाकिस्‍तान आईसीजे का दरवाजा खटखटाने वाला है।

Posted By: Nitin Arora

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