कोलकाता (एएनआइ)। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला इस समय कोलकाता में हैं। यहां उन्होंने 'यूनियन ऑफ स्टेट' कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान ममता बनर्जी के प्रस्ताव पर अब्दुल्ला ने कहा कि इस विषय पर हम चर्चा कर रहे हैं कि कैसे क्षेत्रीय पार्टियों को साथ लाकर भाजपा को लोकसभा चुनावों में चुनौती दी जा सकती है? कोई भी प्रयास तब तक सफल नहीं होगा, जब तक की कांग्रेस हमारी उम्मीदों के हिसाब से भाजपा को चुनौती नहीं देती।

अब्दुल्ला ने कहा कि यह एक सतत बातचीत है। सोनिया गांधी द्वारा विपक्षी दलों को एक साथ लाने के लिए कई प्रयास किए गए हैं। मुझे यकीन है कि 2019 के आम चुनाव तक सभी विपक्षी दल साथ होंगे और इसका आकार बहुत बड़ा होगा। उन्होंने आगे कहा कि भारत का इतिहास प्रश्नों से भरा हुआ है, लेकिन अगर हमने समझौते का सम्मान किया होता जिसमें 1947 में जम्मू कश्मीर ने प्रवेश किया था, तो हम एक ऐसे खूनी और जर्जर जम्मू-कश्मीर से समझौता नहीं कर रहे होते और न ही हमारे पड़ोसियों के लिए हमारी जिंदगी को मुश्किल बनाना इतना आसान होता।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि एक मजबूत देश के लिए एक मजबूत संघ की आवश्यकता है, लेकिन राज्यों की लागत पर एक मजबूत संघ नहीं बन सकता। यह कहां कहा गया है कि एक मजबूत संघ के लिए आपको कमजोर राज्य होना चाहिए? आप मजबूत संघ तभी बन सकते हैं जब आप एक मजबूत राज्य हो। उन्होंने कहा कि आज भारत जितना मजबूत हो सकता है उतना मजबूत नहीं है। हम देश के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग समस्याओं का सामना कर रहे हैं। जैसे की देश के कुछ हिस्सों में माओवादी विद्रोह, उत्तर-पूर्व और जम्मू-कश्मीर में कई समस्याओं का सामना किया जा रहा है।

बता दें कि उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख व पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की। ममता से मुलाकात के बाद उमर ने कहा कि ममता दीदी हमेशा कश्मीर को लेकर चिंतित रहती हैं। हमने अपने राज्य की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की। हमने देश में वर्तमान स्थिति और अल्पसंख्यकों में होने वाले डर के बारे में चर्चा की। अब्दुल्ला ने कहा, 'हम ममता को राष्ट्रीय राजधानी में ले जाएंगे, ताकि वे पूरे देश के लिए बंगाल में किए गए काम को दोहरा सकें। यह पूछे जाने पर कि फेडरल फ्रंट की ओर से पीएम पद का दावेदार कौन होगा? अब्दुल्ला  ने कहा कि हमें अभी इस बारे में बात नहीं करनी चाहिए, क्योंकि लोकसभा चुनाव की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।

Posted By: Arti Yadav