नई दिल्ली, एएनआइ। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) एमवी गौतम ने शनिवार को कहा कि हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) और वोटर वेरीफ़ाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल यानी वीवीपैट (वीईपीएटी) मशीनों में किसी भी प्रकार का कोई मिसमैच रिपोर्ट नहीं किया गया है। बता दें कि गौतम, जिन्होंने बीईएल की वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों के दौरान ईवीएम और वीवीपीएटी मशीनों में दर्ज वोटों के बीच किसी भी प्रकार की कोई गलती नोट नहीं की गई है। इस तरह के किसी भी बेमेल मामले का एक भी मामला नहीं सामने आया।

एक सवाल के जवाब में, गौतम ने कहा, 'ईवीएम में किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है। बीईएल ने यह एक रिकॉर्ड बनाया है क्योंकि ईवीएम और वीवीपीएटी मशीनों के बीच बेमेल का एक भी मामला सामने नहीं है। ईवीएम पर मतदान के बाद के सभी विवाद अब सुलझ गए हैं। राजनीतिक दलों को अच्छी तरह से पता है कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ नहीं की जा सकती।'

ईवीएम के उपयोग के बारे में बताते हुए, गौतम ने कहा, 'वास्तव में, भारत में लोकतंत्र केवल तभी जीवित रह सकता है जब हम ईवीएम का इस्तेमाल करे। वीवीपीएटी मशीनों के साथ-साथ, ईवीएम यह सुनिश्चित करती है कि मतदान में कोई धांधली न हो। यहां तक कि यदि धांधली होती है, तो इसका पता लगाया जा सकता है। अगर वहीं, हम पेपर बैलट का इस्तेमाल करते हैं, तो धांधली होने पर कुछ नहीं किया जा सकता है।'

'हम सभी के लिए, लोकतंत्र के जीवित रहने के लिए मैं आम तौर पर लोगों से चुनाव में ईवीएम के उपयोग को प्रचारित करने का अनुरोध करता हूं' वहीं आगे उन्होंने कहा, अगर किसी भी उम्मीदवार को ईवीएम के बारे में कोई संदेह है तो वो 45 दिन के चुनाव के बाद अदालत का दरवाजा खटखटाने के लिए स्वतंत्र है। सभी ईवीएम अगले 45 दिनों के लिए एक सुरक्षित स्थान पर संग्रहीत हैं। बता दें कि बीईएल ने भारत के चुनाव आयोग को ईवीएम की 10 लाख यूनिट्स की सप्लाई दी है।

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Posted By: Nitin Arora