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वंदे मातरम के अपमान पर तीन साल की जेल, आज राज्यसभा में अमित शाह पेश करेंगे विधेयक

Published: Sun, 19 Jul 2026 09:30 PM (IST)Updated: Mon, 20 Jul 2026 08:06 AM (IST)

केंद्र सरकार राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम-1971 में संशोधन कर रही है, जिसके तहत वंदे मातरम का अपमान करने पर तीन साल की जेल या जुर्माना लगाया जा सकता है।

राष्ट्रीय गीत का अपमान करने पर मिलेगी सजा (AI जेनरेटेड फोटो)

राष्ट्रीय गीत का अपमान करने पर मिलेगी सजा (AI जेनरेटेड फोटो)

HighLights

  1. वंदे मातरम अपमान पर तीन साल की जेल का प्रविधान

  2. गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में विधेयक पेश करेंगे।

  3. राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम में होगा संशोधन।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को हमेशा अपने राजनीतिक एजेंडे में लेकर चली भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम- 1971 में महत्वपूर्ण बदलाव करने की तैयारी में है।

इस मूल अधिनियम में संशोधन करते हुए संशोधित विधेयक में वंदे मातरम को भी शामिल किया गया है, जिसका अपमान करने पर तीन साल की सजा या जुर्माना या दोनों का प्रविधान होगा।

अमित शाह पेश करेंगे विधेयक

देश के राजनीतिक माहौल को गर्माते रहे राष्ट्रीय गीत से संबंधित इस विधेयक को गृह मंत्री अमित शाह संसद के मानसून सत्र के पहले दिन ही राज्य सभा में पेश करने वाले हैं। जिस तरह से इस मुद्दे पर अधिकतर विपक्षी दलों का रुख रहा है, उससे चर्चा में टकराव और गर्म बहस के पूरे आसार हैं।

राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की 150वीं जयंती पर वर्ष भर के कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाने वाली मोदी सरकार ने इसे लेकर महत्वपूर्ण निर्णय किए हैं।

केंद्रीय कैबिनेट वंदे मातरम को भी राष्ट्रीय प्रतीक, राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान जन गण मन की तरह वंदे मातरम को कानूनी संरक्षण देने के लिए राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम- 1971 में संशोधन को मंजूरी दे चुकी है।

इसके अलावा गृह मंत्रालय की ओर से सभी राज्यों को दिशा-निर्देश जारी कर उन सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रीय गीत को भी अनिवार्य कर दिया गया है, जहां राष्ट्रगान होता है।

इस निर्णय को लेकर विचारधारा का टकराव बहुत पुराना है, लेकिन बीते लगभग एक वर्ष से यह संवेदनशील राजनीतिक मुद्दों में शामिल है क्योंकि अल्पंसख्यक राजनीति करने वाले दल सदन में असहज हो सकते हैं। चूंकि, वंदे मातरम के रचयिता बंकिम चंद चटर्जी बंगाल से ही थे, इसलिए भाजपा ने इसे बंगाल की अस्मिता से जोड़ा।

वहां विधानसभा चुनाव के मद्देनजर तृणमूल कांग्रेस तो खुलकर विरोध नहीं कर सकी, लेकिन देशभर से ऐसे अनेक घटनाक्रम लगातार सामने आते हैं, जहां कथित सेक्युलर राजनीति करने वाले विपक्षी दलाें के नेता वंदे मातरम के गायन से इनकार कर देते हैं या इसे सांप्रदायिकता से जोड़ते हुए विवादित बयान देते हैं।

राष्ट्रीय गीत का अपमान करने पर सजा

वहीं, भाजपा खेमा आरोप लगाता है कि तुष्टिकरण की राजनीति के लिए वंदे मातरम की काट-छांट की गई और इसे सम्मान नहीं दिया गया।

बहरहाल, अब मोदी सरकार राष्ट्रीय गीत को इस संशोधन विधेयक के माध्यम से कानूनी संरक्षण देने की तैयारी में है। संशोधन विधेयक में प्रविधान किया गया है कि यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रीय गीत का अपमान करता है या उसके गायन में बाधा डालता है तो तीन साल की सजा या जुर्माना या दोनों दंड मिल सकते हैं।

यह विधेयक राज्य सभा की सोमवार की कार्यसूची में शामिल है। गृह मंत्री शाह इसे प्रस्तुत करेंगे और वहां से पारित होने के बाद लोकसभा में प्रस्तुत किया जाना है।

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