नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। सीएए के विरोध में दिल्ली के शाहीन बाग में चल रहे धरने को हटाए जाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा। यह धरना गत दिसंबर से चल रहा है और कोर्ट में मामला भी लंबे समय से लंबित है। कोरोना महामारी संकट को देखते हुए पिछले सप्ताह कोर्ट में एक नई याचिका दाखिल की गई। याचिका में शाहीन बाग का धरना तत्काल प्रभाव से हटाए जाने की मांग की गई है। शीर्ष कोर्ट इस मामले पर सोमवार को सुनवाई करेगा।

कोरोना को लेकर धरना-प्रदर्शन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जैसी नई याचिका दाखिल हुई है वैसी ही एक याचिका पर मद्रास हाई कोर्ट ने गत शुक्रवार को आदेश दिया था। हाई कोर्ट ने कोरोना महामारी जारी रहने तक हर तरह के धरना-प्रदर्शन पर रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट में शाहीन बाग मामले की सुनवाई जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस केएम जोसेफ की पीठ कर रही है।

सुप्रीम कोर्ट में लंबे समय से याचिकाएं लंबित हैं जिनमें कहा गया है कि धरने के कारण नोएडा-दिल्ली को जोड़ने वाला रास्ता बंद है और लोगों को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व की हर सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि लोगों को विरोध प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन इसके लिए सार्वजनिक सड़क या जगह बाधित नहीं की जा सकती। कोर्ट ने वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े को न्याय मित्र नियुक्त करते हुए प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर धरना किसी और जगह स्थानांतरित कराने का प्रयास करने को कहा था।

संजयहेगड़े ने काफी प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। हेगड़े और वकील साधना रामचंद्रन ने कोर्ट में सील बंद लिफाफे में रिपोर्ट भी सौंपी। कोर्ट ने रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की थी। इसके बाद दिल्ली में दंगा हो गया था और कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए उस समय को सही नहीं माना था।

होली की छुट्टी के बाद 23 मार्च तक सुनवाई टाल दी थी। सोमवार 23 मार्च को फिर सुनवाई होनी है और अब देश कोरोना महामारी की नई मुश्किल से गुजर रहा है। कोरोना संकट को देखते हुए दिल्ली सहित देश के कई राज्यों में लॉकडाउन चल रहा है। सरकार ने आदेश जारी किए हैं जिसमें चार से ज्यादा लोगों के एक जगह एकत्रित होने पर रोक है। ऐसे में शाहीन बाग पर होने वाली सोमवार की सुनवाई महत्वपूर्ण होगी।

Posted By: JP Yadav

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस