नई दिल्ली [माला दीक्षित]। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में शाम छह बजे से लेकर सुबह छह बजे तक निर्माण कार्य पर लगी रोक हटा दी है। कोर्ट ने प्रदूषण की वर्तमान स्थिति और हवा की स्वच्छता को देखते हुए रात में निर्माण पर लगी पाबंदी हटा ली है। रोक का आदेश हटने के बाद धीमी गति से चल रहे निर्माण कार्य के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद की जा रही है। इस आदेश का असर न सिर्फ प्रगति मैदान और चांदनी चौक में निर्माण पर पड़ेगा, बल्कि आवासीय और व्यावसायिक परियोजना बनाने में जुड़े बिल्डरों को भी राहत मिलेगी, जिनके निर्माण की समयसीमा बीती जा रही थी।

न्यायमूर्ति अरुण मिश्र और दीपक गुप्ता की पीठ ने शुक्रवार को वायु प्रदूषण मामले में इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (आइटीपीओ) की ओर से दाखिल अर्जी पर विचार करते हुए यह आदेश दिया है। गत सोमवार को आइटीपीओ की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने रोक का आदेश हटाने की मांग वाली अर्जी पर जल्द सुनवाई का आग्रह किया था। इसे स्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मामले को शुक्रवार को वायु प्रदूषण से संबंधित केस सुन रही पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए लगाया था।

शुक्रवार को तुषार मेहता ने कोर्ट से आइटीपीओ में बन रहे अंडरपास के निर्माण के लिए शाम छह बजे से लेकर सुबह छह बजे तक लगी रोक हटाने का आग्रह किया। पीठ ने कहा कि प्रदूषण की स्थिति और हवा की स्वच्छता को देखते हुए वह सभी के लिए पाबंदी हटा रही हैं। रात में निर्माण पर लगी रोक हटाने के आदेश का बड़ा असर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के निर्माण पर भी पड़ेगा। कोर्ट की रोक के कारण उसका काम भी धीमा हो गया था, अब फिर से रफ्तार पकड़ने की संभावना है।

रोक पूरी तरह समाप्त

सुप्रीम कोर्ट ने वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर पर पहुंचने पर दिल्ली-एनसीआर में निर्माण कार्य पर रोक लगा दी थी। इसके बाद कोर्ट ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट देखने व प्रदूषण स्तर में कमी पर दिन में निर्माण की इजाजत दे दी थी, लेकिन रात में निर्माण कार्य पर रोक लगा दी थी। शुक्रवार को कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में निर्माण पर लगी रोक पूरी तरह समाप्त कर दी है।

Posted By: Mangal Yadav

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