नई दिल्ली, एएनआइ। उत्तर पूर्वी दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून (Citizenship Amendment Act 2019) की आड़ में उपद्रवियों द्वारा भड़काई गई हिंसा के बाद हालात को सामान्‍य बनाने के लिए चौतरफा कोशिशें की जा रही हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा है कि दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में हालात को लेकर व्यापक समीक्षा की गई है। पुलिस और दूसरी एजेंसियां शांति और हालात को सामान्‍य बनाने को लेकर जमीन पर काम कर रही हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से शांति और सद्भाव बनाने की अपील की है। उन्‍होंने अपने ट्वीट में ल‍िखा है... मैं दिल्ली के भाइयों बहनों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील करता हूं। यह जरूरी है कि शांति हो और हालात जल्द से जल्द सामान्‍य बनाए जाएं। प्रधानमंत्री से पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी। इस बीच दिल्‍ली हिंसा के मसले पर सियासत भी शुरू हो गई है।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दिल्ली में हिंसा को लेकर बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया। उन्‍होंने मांग की कि शाह को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में पारित प्रस्ताव पढ़ते हुए सोनिया ने कहा कि यह एक सोचा-समझा षड्यंत्र है। उन्‍होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार अपनी भूमिका निभाने में विफल रही है। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस कार्य समिति का मानना है कि हालात खराब हैं और तुरंत कार्रवाई किए जाने की जरूरत है।

उल्‍लेखनीय है कि उत्तर पूर्वी दिल्ली में CAA के मसले पर भड़की हिंसा में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। मंगलवार को मरने वालों की संख्या 13 बताई गई थी। उधर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में हिंसा की घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि यह सुनिश्चित करना कानून लागू करने वाले प्रशासन का काम है कि माहौल शांतिपूर्ण रहे।  

Posted By: Krishna Bihari Singh

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