नई दिल्ली [राज्य ब्यूरो]। देश की राजधानी में 1984 के सिख विरोधी दंगे को लेकर सियासत तेज हो गई है। दिल्ली प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता तेजिंदर सिंह बग्गा ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के खिलाफ विवादित पोस्टर लगाकर उन्हें 'फादर ऑफ मॉब लिंचिंग' बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी इस पोस्टर को शेयर किया है। इस पर आपत्ति जताते हुए कांग्रेस नेताओं ने ट्विटर पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने वाले पोस्टर से जवाब दिया है।

'फादर ऑफ मॉब लिंचिंग' को श्रद्धांजलि

बग्गा ने भाजपा कार्यालय के साथ ही दिल्ली के अन्य स्थानों पर राजीव गांधी के खिलाफ विवादित पोस्टर व बैनर लगाए हैं। इससे पहले भी उन्होंने उनकी जयंती पर ट्वीट कर कहा था कि 'फादर ऑफ मॉब लिंचिंग' को श्रद्धांजलि। कांग्रेस की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने टिप्पणी करते हुए ट्वीट किया कि कांग्रेस का संस्कार उस दिवंगत प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि देने का है, जो 2002 के दंगों के दौरान कुछ खास नहीं कर पाए। वहीं भाजपा दफ्तर के बाहर देश के लिए जान देने वाले दिवंगत प्रधानमंत्री के बारे में घृणित पोस्टर हमारे सामने हैं। ये भाजपा की तुच्छ मानसिकता को दर्शाता है।

जनता जवाब देगी 

कांग्रेस के संपर्क सचिव प्रणव झा ने ट्विटर पर बग्गा के पोस्टर के साथ ही मुंबई कांग्रेस की ओर से अटल जी की श्रद्धांजलि देने के लिए लगाए गए पोस्टर को साझा किया है। इसमें उन्होंने कहा कि प्रिय भाजपा देखिए आप में और काग्रेस में क्या अंतर है, कुछ समय इंतजार करें, जनता आपके अहंकार और नफरत का उचित जवाब जल्द ही देगी।

कांग्रेस अध्यक्ष दंगा आरोपियों को बचा रहे हैं

उल्लेखनीय है कि संसद के मानसून सत्र में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि देश में सबसे बड़ी मॉब लिंचिंग की घटना 1984 में हुई थी। वहीं पिछले दिनों काग्रेस अध्यक्ष राहुल गाधी ने लंदन में कहा था कि कांग्रेस सिख विरोधी दंगे में शामिल नहीं थी। उनके बयान से भाजपा व अकाली नेता नाराज हैं। उनका कहना है कि कांग्रेस अध्यक्ष दंगा आरोपियों को बचा रहे हैं।