नई दिल्ली (जागरण ब्यूरो)। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में बढ़े प्रदूषण के बीच राजनीति भी तेज हो गई है। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने शुक्रवार को इसे लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला और कहा कि बढ़े प्रदूषण के लिए सिर्फ पंजाब और हरियाणा पर दोष मढना ठीक नहीं है। वैसे भी यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है। इसके लिए दिल्ली भी जिम्मेदार है। उन्होंने केजरीवाल पर इस पूरे मामले को राजनीतिक रंग देने और आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति करने का आरोप भी लगाया है।

ई-व्हीकल के इस्तेेेेेमाल पर जोर
केंद्रीय मंत्री जावडेकर ने यह बातें शुक्रवार को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के कामकाज के लिए इलेक्टि्रक वाहनों (ई- व्हीकल) की शुरुआत करते हुए कही। साथ ही कहा कि वह खुद भी ई-व्हीकल का इस्तेमाल करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने पिछले पांच सालों में केंद्र सरकार की ओर से प्रदूषण के स्तर में कमी लाने के लिए उठाए गए प्रयासों की भी जानकारी दी और बताया कि 15 सालों से जिस ईस्टर्न पैरीफेरल वे के निर्माण की चर्चा हो रही थी, उसका निर्माण उनकी सरकार के समय में हुआ है।

दिल्ली में कम आ रहे ट्रक

ऐसे में जो ट्रक अब तक दिल्ली होकर निकल रहे थे, ऐसे करीब साठ हजार ट्रक अब दिल्ली के बाहर से ही निकल रहे है। इससे हवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। प्रदूषण में भी गिरावट दर्ज हुई है। हालांकि उन्होंने इस दौरान वायु प्रदूषण को लेकर दिल्ली सरकार की गंभीरता पर सवाल भी खड़े किए और कहा कि पैरीफेरल वे के निर्माण के लिए दिल्ली सरकार को भी 35 सौ करोड़ रुपए देने थे, लेकिन उसने नहीं दिए। आखिरकार बाद में सुप्रीम कोर्ट को एक हजार करोड़ जमा करने के आदेश देने पड़े थे।

केजरीवाल को दिया करारा जवाब

जावडेकर ने यह हमला उस समय बोला है, जब दिल्ली के मुख्यमंत्री ने दिल्ली में बढ़े प्रदूषण के लिए पंजाब और हरियाणा की सरकारों को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही कहा है कि पराली जलाए जाने के चलते दिल्ली में प्रदूषण खतरनाक स्थिति में पहुंचा है। हालांकि जावडेकर ने प्रदूषण के मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय मिलजुलकर काम करने की बात कही और कहा कि केंद्र सरकार पिछले दो सालों से इसे लेकर काम कर रहे है।

तेजी से हो रहा काम

दिल्ली सहित सभी पड़ोसी राज्यों को एकसाथ जोड़कर प्रदूषण में कमी लाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसके नतीजे भी देखने को मिल रहे है। जावडेकर ने बताया कि केंद्र सरकार के अलग-अलग मंत्रालयों में लगभग पांच लाख कारें इस्तेमाल होती है। ऐसे में एक तय कार्यक्रम के तहत एक निश्चित समय में इनमें इस्तेमाल होने वाली सभी गाडियां ई-व्हीकल होगी। ऐसे वाहनों की खरीदी के लिए सरकार सब्सिडी भी दे रही है।

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Posted By: Prateek Kumar

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