मुंबई, प्रेट्र। राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा), कांग्रेस और वामदलों ने निशाना साधा है। दिल्ली के रामलीला मैदान की जनसभा में पीएम मोदी ने कहा था कि देशभर में एनआरसी लागू करने पर उनकी सरकार में कभी चर्चा ही नहीं हुई है।

नीति बिना चर्चा के अचानक से देश के सामने नहीं पेश की जाती

एनआरसी पर प्रधानमंत्री मोदी के बयान पर हैरानी जताते हुए राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कहा कि जब भी कोई बड़ी नीति लाई जाती है, तो सरकार के स्तर पर उस पर चर्चा की जाती है। इस तरह की नीति बिना चर्चा के अचानक से देश के सामने नहीं पेश की जाती है। दूसरी बात यह कि देश के गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में कहा था कि एनआरसी को देश भर में लागू किया जाएगा।

राष्‍ट्रपति और प्रधानमंत्री का बयान अलग-अलग

पवार ने आगे कहा कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए देश भर में एनआरसी को लागू करने की बात कही थी। राष्ट्रपति सरकार की नीतियों को ही सामने रखते हैं। अब प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि एनआरसी को सिर्फ असम में ही लागू किया गया है और वह भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर। पवार ने कहा कि सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है और उन्हें लगता है कि लोगों का ध्यान बंटाने के लिए ही इस तरह के मुद्दे उठाए जा रहे हैं और बयान दिए जा रहे हैं।

NRC पर देश को मूर्ख बना रही सकरार- सुरजेवाला

वहीं, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा लोगों को मूर्ख बनाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं एनआरसी पर कोई चर्चा नहीं हुई है। गृह मंत्री इसे देश भर में लागू करने की बात कर रहे हैं। तो क्या प्रधानमंत्री और गृह मंत्री में इस पर मतभेद है? क्या सत्ता और संगठन में इसको लेकर दरार है? या दोनों मिलकर देश को मूर्ख बना रहे हैं।

भाजपा के घोषणापत्र में NRC

इधर, नई दिल्ली में भाकपा ने एक बयान जारी कर रामलीला मैदान में पीएम मोदी के बयान को झूठ का पुलिंदा करार दिया। भाकपा ने कहा है कि भाजपा ने 2019 के अपने चुनावी घोषणापत्र में देशभर में एनआरसी लागू करने की बात कही थी। लेकिन अब विपक्ष द्वारा इसका कड़ा विरोध किए जाने के बाद वह पीछे हट रही है। भाकपा महासचिव डी. राजा ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री सच कह रहे हैं तो वह नागरिकता संशोधन कानून को रद कर दें और नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) यानी नागरिकों की गणना की प्रक्रिया को बंद कराएं।

 

Posted By: Tilak Raj

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