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राज्यसभा सीट के लिए दावा छोड़ने को तैयार नहीं उद्धव गुट, महा विकास अघाड़ी में तनाव

Published: Fri, 27 Feb 2026 10:51 PM (IST)

महा विकास अघाड़ी में राज्यसभा सीट को लेकर तनाव बढ़ गया है। शिवसेना (यूबीटी) ने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी कीमत पर अपना दावा नहीं छोड़ेंगे।

उच्च सदन की सात सीटों के लिए चुनाव 16 मार्च को होने हैं

उच्च सदन की सात सीटों के लिए चुनाव 16 मार्च को होने हैं

HighLights

  1. शिवसेना (यूबीटी) राज्यसभा सीट पर अपना दावा नहीं छोड़ेगी।

  2. वरुण सरदेसाई ने कहा, सीट उद्धव गुट की है।

  3. शरद पवार की उम्मीदवारी पर भी उद्धव गुट अड़ा।

राज्य ब्यूरो, मुंबई। राज्यसभा नामांकन को लेकर महा विकास अघाड़ी में बढ़ते तनाव के बीच, शिवसेना (यूबीटी) विधायक वरुण सरदेसाई ने शुक्रवार को पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि यह सीट सही मायने में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले समूह की है। हम किसी भी कीमत पर राज्यसभा सीट पर अपना दावा नहीं छोड़ेंगे। इससे पहले पार्टी के युवा नेता आदित्य ठाकरे भी राज्यसभा की सीट पर अपनी पार्टी का दावा जता चुके हैं।

शुक्रवार को वरुण सरदेसाई ने कहा कि हमारे विधायकों ने पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे को पहले ही अपनी राय बता दी है। 2020 में हमने राकांपा (तब अविभाजित) उम्मीदवार फौजिया खान का समर्थन किया था। अब मौजूदा विधायक संख्या के आधार पर, हमारी संख्या अधिक है। अगर हमारे सांसद अपना कार्यकाल पूरा कर रहे हैं, तो इस सीट के लिए उम्मीदवार हमारी पार्टी से ही होना चाहिए। उच्च सदन की सात सीटों के लिए चुनाव 16 मार्च को होने हैं।

mva rajya sabha

शरद पवार के कद का जिक्र

बता दें कि राकांपा (शरदचंद्र पवार) के दिग्गज नेता शरद पवार के कद का जिक्र करते हुए सरदेसाई ने कहा कि शरद पवार एक महान नेता हैं। अगर शरद पवार खुद इस सीट में दिलचस्पी रखते हैं, या महाविकास आघाड़ी की तरफ से ऐसा कोई प्रस्ताव आता है, तब भी हम अपना दावा नहीं छोड़ेंगे।

सरदेसाई का यह बयान राकांपा (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि हर किसी की यही इच्छा है कि पवार साहब राज्यसभा के लिए फिर से चुने जाएं। भारी समर्थन लोगों के उनके प्रति सम्मान और स्नेह को दर्शाता है। हमारी पार्टी के वरिष्ठ नेता और मैं कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) से उनके सर्वसम्मति से पुन: निर्वाचित होने को सुनिश्चित करने का अनुरोध करेंगे।

महाविकास आघाड़ी के पास सबसे अधिक विधायक

यह विवाद तब और बढ़ गया जब शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने इस बात पर जोर दिया कि चूंकि महाविकास आघाड़ी के सहयोगी दलों में उनकी पार्टी के पास सबसे अधिक विधायक हैं, इसलिए यह सीट उन्हें आवंटित की जानी चाहिए। हालांकि विपक्षी गठबंधन की मौजूदा ताकत को देखते हुए उसका कम से कम एक उम्मीदवार सुरक्षित रूप से निर्वाचित हो सकता है। लेकिन इस बात को लेकर आंतरिक खींचतान शुरू हो गई है कि कौन सी पार्टी उस सीट पर दावा करेगी।

दूसरी ओर कांग्रेस और राकांपा (शरद पवार गुट) के नेताओं के बीच उच्च स्तरीय बैठक के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं निकल सका है। इस बीच शिवसेना (यूबीटी) का रुख पवार के पुनः राज्यसभा में पहुंचने को लेकर रोड़ा बन सकता है। चूंकि शरद पवार ने स्वयं अभी तक अपनी उम्मीदवारी के संबंध में कोई सार्वजनिक या आधिकारिक बयान नहीं दिया है, इसलिए कांग्रेस पार्टी ने भी इस सीट पर अपना दावा बरकरार रखा है, जिससे गठबंधन के सीट-बंटवारे के फार्मूले में और अधिक जटिलता आ गई है।

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