हैदराबाद, एएनआइ। अपनी तीखी बयानबाजी के लिए चर्चित असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र में जारी राजनीतिक घमासान की तुलना 'बंदरों के नाच' से की है। एआइएमआइएम पार्टी के प्रमुख ने शनिवार को कहा कि वे इस खुले नाटक पर नजर रखे हुए हैं। ओवैसी ने कहा कि महा विकास आघाड़ी को इस मामले पर चर्चा करने दें। उन्हें सड़कों पर उतरना चाहिए। उन्हें तय करना चाहिए कि क्या है। मैं निर्णय लेने वाला कोई नहीं हूं। यह बंदरों के नाच जैसा लग रहा है। वे बंदरों की तरह काम कर रहे हैं जो एक डाल से दूसरी डाल पर कूद रहे हैं।'

महाराष्ट्र में बागी विधायकों के विरुद्ध सड़क पर उतरे शिवसैनिक

उधर, महाराष्ट्र में शिवसेना के विद्रोही विधायकों के घरों और दफ्तरों पर हमले होने लगे हैं। शिवसैनिकों ने चेतावनी दी है कि पार्टी के साथ 'गद्दारी' करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा और हमले और तेज किए जाएंगे। विद्रोहियों को चेतावनी देते हुए शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा है कि अब लड़ाई सड़कों पर लड़ी जाएगी। इस बीच, शिवसेना के विद्रोही गुट के नेता एकनाथ शिंद ने आरोप लगाया है कि राजनीतिक बदले के तहत उनके समेत 16 बागी विधायकों के घरों से सुरक्षा वापस ले ली गई है, हालांकि, सरकार ने आरोप को गलत बताया है। तनाव के हालात को देखते हुए मुंबई में 10 जुलाई तक धारा 144 लगा दी गई है और सभी दलों और नेताओं के दफ्तरों पर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं।

शिवसैनिकों ने विद्रोही विधायक दल के नेता एकनाथ शिंदे के सांसद बेटे श्रीकांत शिंदे के ठाणे स्थित दफ्तर पर पथराव और तानाजी सावंत और ज्ञानराज चौगुले के पुणे और उस्मानाबाद शहर स्थित कार्यालयों में तोड़फोड़ की। श्रीकांत शिंदे के दफ्तर पर हमले के मामले में पुलिस ने पांच शिवसैनिकों को पकड़ा है। विद्रोही गुट के ही विधायक बालाजी कल्याणकर के नांदेड़ स्थित घर के बाहर प्रदर्शन किया गया है।

Edited By: Arun Kumar Singh