नई दिल्ली, एएनआइ। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक मीडिया रिपोर्ट के हवाले से केंद्र सरकार पर निशाना साधा, जिसमें दावा किया गया था कि भारतीय अधिकारी चुपचाप तालिबान से मिले। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से इसपर जवाब मांगा था। उनके इस बयान पर केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने निशाना साधा है। साथ ही सवाल किया कि कांग्रेस के नेता तालिबान के प्रवक्ता कब से बन गए।

समाचार एजेंसी एएनआइ से बात करते हुए, नकवी ने कहा, 'कब से ये कांग्रेस के नेता तालिबान के प्रवक्ता बन गए हैं। अभी, अगर एक तालिबानी मारा जाएगा, तो वे उस पर शोक मनाना शुरू कर देंगे। वे कुछ आतंकवादियों द्वारा किए गए दहशतगर्दी को भी छिपाने की कोशिश भी करते हैं। कभी-कभी उन्हें तालिबान के प्रवक्ता के रूप में भी देखा जाता है। मुझे लगता है कि वे  कांग्रेस को विभाजित करने के अलावा कुछ नहीं कर रहे हैं।'

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह द्वारा ट्विटर पर एक मीडिया रिपोर्ट साझा किया गया, जिसमें दावा किया गया था कि भारतीय अधिकारियों ने दोहा में तालिबान प्रतिनिधियों से चुपचाप मुलाकात की और उन्होंने इसे गंभीर विषय बताते हुए केंद्र सरकार से तत्काल बयान की मांग की।

राहुल गांधी द्वारा कोरोना पर जारी किए गए श्वेत पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए, नकवी ने कहा, 'अगर हम राहुल गांधी के बारे में बात करते हैं, तो वे जैक ऑफ ऑल एंड मास्टर ऑफ नन हैं। राहुल जी अज्ञानता से भरे हुए हैं, लेकिन वह खुद को बुद्धिमान दिखाने की कोशिश करते हैं। कभी वे वैज्ञानिक, तो कभी अर्थशास्त्री बन जाते हैं। यह सिर्फ बकवास है। उत्तर प्रदेश के धर्म परिवर्तन विवाद के संबंध में नकवी ने कहा, 'जबरन धर्म परिवर्तन की न तो संविधान द्वारा अनुमति है और न ही सरकार द्वारा। जबरन धर्म परिवर्तन समाज के भी खिलाफ है।

Edited By: Tanisk