जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। राज्यसभा के ऐतिहासिक 250वें सत्र के पहले ही दिन सदन के भीतर तैनात होने वाले मार्शल के नये पोशाक ने सांसदों को चौंका दिया। सैनिकों की तरह पोशाक पहने आसान के दोनों तरफ तैनात मार्शल को देख सांसदों ने अचरज और कौतूहल में सभापति वेंकैया नायडू से सैन्य पोशाक को लेकर सवाल उठाने का भी प्रयास किया मगर नायडू ने इसकी अनुमति नहीं दी।

मार्शल की सैनिकों जैसे पोशाक को लेकर नायडू ने नहीं उठने दिया सवाल

सभापति ने सदन के दिवंगत सदस्यों के प्रति जैसे ही अपनी संवेदना जताई। वैसे ही कुछ सदस्यों ने कौतूहल में आसन से पूछा क्या नई पोशाक में तैनात सहायक मार्शल हैं? नायडू ने इस पर कहा कि हां ये मार्शल हैं मगर कोई सदस्य कुछ कहे इससे पहले उन्होंने अरुण जेटली समेत दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने के लिए बोलने की पहल शुरू करा दी। जब करीब घंटे भर बाद नेताओं के संवेदना जताने का सिलसिला थमा तो कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मार्शल की सैनिकों जैसे पोशाक को लेकर सवाल उठाने का प्रयास किया। मगर सभापति ने उनके सवाल को तत्काल खारिज करते हुए सदन को स्थगित कर दिया।

पुरानी ड्रेस को बदलने की मांग थी

वहीं राज्यसभा सचिवालय ने मार्शलों के नये पोशाक पर यह कहते हुए तस्वीर साफ करने का प्रयास किया कि बहुत लंबे समय से सभापति के दाएं -बाएं तैनात रहने वाले सहायक अपनी पुरानी ड्रेस को बदलने की मांग करते आ रहे थे। इस नई पोशाक से पहले इन सहायकों का ड्रेस सामान्य था और सिर पर अंग्रेजों के समय से चली आ रही सहायकों वाली टोपी लगी रहती थी।

मार्शलों की सैनिकों जैसी पोशाक स्थायी रुप से रहेगी

राज्यसभा सचिवालय सूत्रों ने बताया कि मार्शलों की सैनिकों जैसी यह नई पोशाक स्थायी रुप से रहेगी। हालांकि गर्मियों के मौसम में इसका रंग जरूर बदलकर सफेद हो जाएगा। सभापति वेंकैया नायडू ने इस नई पोशाक की डिजाइन और रंग को मंजूरी दी है।

Posted By: Bhupendra Singh

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