भोपाल (स्टेट ब्यूरो)। प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने नई खेल नीति घोषित कर दी है। इसके तहत राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल करने वाले खिलाड़ी को राज्य सरकार 5 लाख रुपए प्रोत्साहन राशि देगी। यह राशि उन्हीं खिलाड़ियों को मिल पाएगी, जो मप्र के मूल निवासी हों या खेल अकादमी में प्रशिक्षणरत हों। सरकार ने वर्ष 2006 में बनाए गए 'खेल संस्थाओं एवं खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता, खेल वृत्ति, सम्मान निधि" नियम को शिथिल करते हुए यह नियम बनाए हैं।

कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले सरकार बनने पर प्रदेश में खिलाड़ियों के लिए खेल नीति बनाने की घोषणा की थी। इसे वचन पत्र में भी शामिल किया गया था। उसी कड़ी में सरकार ने नई नीति जारी की है। ये नियम सामान्य और दिव्यांग खिलाड़ियों पर समान रूप से लागू होंगे। सम्मान निधि और प्रोत्साहन राशि के लिए खिलाड़ियों को आवेदन करना होगा, जो जिला कार्यालय और संचालनालय में लिए जाएंगे।

सरकार राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिता में रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 3.20 लाख, कांस्य पदक प्राप्त करने वाले खिलाडी को 2.40 लाख रुपए प्रोत्साहन राशि देगी। ऐसे ही अधिकृत राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को एक लाख, रजत पदक जीतने वालों को 75 हजार और कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 50 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

खेल उपकरण खरीदने के लिए पांच लाख की सहायता
सरकार अधिकृत अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक अर्जित करने वाले प्रतिभावान खिलाड़ियों को खेल उपकरण खरीदने के लिए 5 लाख रुपए की सहायता दे सकेगी। यह राशि जीवन में सिर्फ एक बार ही मिल पाएगी। जबकि जिन खेलों में उपकरण किराए पर लिए जाते हैं। उनमें उपकरण लेने के लिए दो लाख रुपए तक दिए जाएंगे।

विदेश में ट्रेनिंग के लिए 10 लाख
खिलाड़ियों को विदेश में ट्रेनिंग लेने के लिए 10 लाख रुपए दिए जाएंगे। यह राशि उन खिलाड़ियों को दी जाएगी, जिनकी भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक हासिल करने की उम्मीद हो। जबकि देश में ट्रेनिंग लेने वाले खिलाड़ियों को एक लाख रुपए दिए जाएंगे।

एवरेस्ट फतह पर मिलेगी प्रोत्साहन राशि
माउंट एवरेस्ट के शिखर तक पहुंचने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों को सरकार 15 लाख रुपए तक अनुदान राशि देगी। इसमें से चीन-नेपाल सरकार की रायल्टी फीस आठ लाख रुपए पहले दी जाएगी।

 

Posted By: Arun Kumar Singh