नई दिल्ली,जेएनएन।  कांग्रेस ने मध्य प्रदेश की वोटर लिस्ट में बडे पैमाने पर फर्जीवाडे का दावा करते हुए सबूतों के साथ चुनाव आयोग से शिकायत की है। सूबे की लगभग हर विधानसभा में वोटर लिस्ट में फर्जी तरीके से नाम दर्ज किये जाने का प्रमाण भी पार्टी ने आयोग को सौंपा है। मध्यप्रदेश में कम से कम 60 लाख फर्जी वोटर शामिल किये जाने का दावा करते हुए कांग्रेस ने इसके लिए शिवराज सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। साथ ही आयोग से गडबडी करने वाले सभी रिटर्निंग आफिसर्स के खिलाफ सख्ते कार्रवाई की भी मांग की है।

चुनाव आयोग ने इन शिकायतों की जांच करने का कांग्रेस को भरोसा दिया है। वोटर लिस्ट में इस कथित गड़बड़ झाले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस ने रविवार की छुटटी के बावजूद चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया। वरिष्ठ पार्टी नेता मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ की अगुआई में पार्टी का प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिला। आयोग को वोटर लिस्ट में फर्जी तरीके से दर्ज नामों को उजागर करने संबंधी दस्तावेज तथा सीडी सौंपी। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के समक्ष एक प्रस्तुति भी दी जिसमें गडबडियों को व्यापक रुप से उजागर किया गया।

आयोग से शिकायत करने के बाद कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर अधिकारियों के साथ सांठगांठ कर वोटर लिस्ट में फर्जीवाडे का गंभीर आरोप लगाया। कमल नाथ ने कहा कि जनवरी 2018 तक की आयी नई वोटर लिस्ट की कांग्रेस ने जब जांच की है तो यह तथ्य सामने आया है कि हर विधानसभा में करीब 20 से 25 हजार फर्जी वोटर हैं। उन्होंने कहा कि फर्जी वोटरों के मामले की जांच कर सत्ताधारी पक्ष से मिलीभगत करने वाले अधिकारियों पर सेक्श्न 32 के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने वोटर लिस्ट में हेर-फेर का ब्यौरा देते हुए कहा कि कई वोटरों के नाम एक ही पोलिंग बूथ पर चार-पांच जगह हैं। इसी तरह कई ऐसे मामले हैं जिसमें उसी व्यक्ति का नाम दूसरे पोलिंग बूथ पर भी एक से अधिक संख्या में अलग-अलग नामों से है, जबकि फोटो और पिता का नाम एक ही है। ऐसे मामले भी काफी हैं जिनमे एक ही वोटर का नाम आस-पास की दो विधानसभा की वोटर लिस्ट में है। एक ही व्यक्ति का दो से पांच बार सूची में अलग-अलग नाम दर्ज है। जबकि कुछ मामलों में तो दो दर्जन बार। एक महिला का नाम कहीं पुरुष तो कहीं महिला के रुप में 26 जगह शामिल किये जाने का उन्होंने दस्तावेज भी दिखाया। सिंधिया ने कहा कि यह सीधे सीधे प्रजातंत्र के हृदय में छुरी भोंकने जैसा है।

मध्यप्रदेश में 5 करोड वोटर हैं और 60 लाख फर्जी वोटर का अर्थ है कि 12 प्रतिशत फर्जी मतदाता हैं। पिछले चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बीच 9 फीसद मत का अंतर था। सिंधिया ने कहा कि इससे साफ है कि फर्जी मतों के जरिये चुनाव में हेर फेर की शिवराज सरकार की पूरी तैयारी है। इसीलिए चुनाव आयोग इन फर्जी वोटरकं की जांच कर लिस्ट को नये सिरे से जुलाई के अंत तक प्रकाशित करे। साथ ही निर्वाचन अधिकारियों से वोटर लिस्ट में गडबडी न होने का शपथ पत्र मांगा जाए।

सिंधिया ने कहा कि लोकतंत्र की बुनियाद के खिलाफ काम करने वाले अधिकारियों को 10 साल तक चुनावी डयूटी से हटाने का दंड भी दिया जाना चाहिए। कमलनाथ ने कहा कि आयोग ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जांच कराने का पूरा भरोसा दिया है। 
 

Posted By: Sanjeev Tiwari