बेंगलुरु, आइएएनएस। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के करीबी बीआर उमेश और अन्य के बेंगलुरु एवं अन्य स्थानों पर हालिया आयकर छापों में करीब 750 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता लगा है। संबंधित कंपनी समूहों ने इनमें से 487 करोड़ रुपये की राशि को अपनी अघोषित आय स्वीकार कर लिया है। आयकर विभाग ने सात अक्टूबर से तीन दिनों तक बीआर उमेश समेत सिंचाई एवं राजमार्ग परियोजनाओं में लगे बेंगलुरु स्थित तीन बड़े ठेकेदारों के मामले में तलाशी एवं जब्ती अभियान चलाया था।

आभूषण एवं सोना-चांदी जब्‍त

छापों के दौरान 4.69 करोड़ रुपये की अघोषित नकदी, 8.67 करोड़ के अघोषित आभूषण एवं सोना-चांदी और 29.83 लाख की चांदी की वस्तुएं जब्त की गई हैं। सूत्रों ने बताया कि इस बात की पूरी संभावना है कि पैसा येदियुरप्पा तक पहुंच रहा था क्योंकि छापों का पूरा फोकस जल संसाधन मंत्रालय के तहत सिंचाई विभाग की 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं पर था।

श्रमिकों के खर्च को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया

आयकर विभाग ने दावा किया कि एक कंपनी समूह ने स्वीकार किया है कि उसने श्रमिकों के खर्च के रूप में 382 करोड़ रुपये की राशि को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया। दूसरे कंपनी समूह ने माना कि उसने ऐसी कंपनी के लिए 105 करोड़ रुपये की रिहाइश संबंधी प्रविष्टियां कीं जो अस्तित्व में ही नहीं थीं। भविष्य में प्रवर्तन निदेशालय इस हेराफेरी की जांच कर सकता है।

राजनेताओं के इंटरनेट प्लेटफार्मों को संभालने वाली कंपनी पर भी छापा

आयकर विभाग ने डिजायन बाक्स नामक कंपनी के कार्यालय और उस होटल रूम में भी छापेमारी की जिसमें कंपनी के मालिक नरेश अरोड़ा रह रहे हैं। यह कंपनी बेंगलुरु में साम‌र्थ्यवान राजनेताओं के इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्मो का प्रबंधन और उनकी ब्रांडिंग करती है। ये छापे मंगलवार मध्यरात्रि तक जारी थे। पहले कहा जा रहा था कि यह कंपनी कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार की है, लेकिन उन्होंने इससे इन्कार किया है।

येदियुरप्पा को वश में करने के लिए डाले गए छापे : कुमारस्वामी

जदएस के नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने आरोप लगाया है कि ये छापे येदियुरप्पा को शिकस्त देने और उनमें वश में करने के लिए डाले गए हैं। उन्होंने कहा, 'येदियुरप्पा और विपक्ष के नेता सिद्दरमैया ने कर्नाटक में भाजपा को कमजोर करने की योजना बनाने के लिए मैसुरु में मुलाकात की थी। थोड़ी भी समझ रखने वाला कोई व्यक्ति यह समझ सकता है कि येदियुरप्पा के करीबी और उनके पुत्र बीवाई विजयेन्द्र को आयकर विभाग ने क्यों निशाना बनाया है। यह सब भाजपा द्वारा येदियुरप्पा को रोकने के मकसद से किया जा रहा है और मुझे यह कहने में कोई हिचक नहीं है। भाजपा येदियुरप्पा को नियंत्रित करना चाहती है।'