नई दिल्ली, एजेंसी। भारत सरकार ने गुरुवार को कहा कि किसी भी विदेशी सरकार या संस्था को भारतीय नागरिकों से संबंधित गलत तथ्य या बढ़ा-चढ़ाकर बातें पेश करने का अधिकार नहीं है। राज्यसभा में यह बात अमेरिकी विदेश मंत्रालय की उस रिपोर्ट पर विरोध जाहिर करते हुए कही गई जिसमें कहा गया है कि भारत में धार्मिक स्वतंत्रता कम हो रही है। यह जानकारी समाचार एजेंसी पीटीआई ने दी। 

राज्यसभा में रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया में विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने कहा, इस रिपोर्ट को पढ़ने से पता चलता है कि इसे तैयार करने वाले को भारत के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं थी। रिपोर्ट में भारतीय संवैधानिक व्यवस्था, लोकतांत्रिक मान्यताओं और अनेकता में एकता के सिद्धांत की पूरी तरह अनदेखी की गई है। मुरलीधरन ने कहा, भारत सरकार संविधान के दायरे में हर भारतीय नागरिक को उसके अधिकार देने के लिए पूर्ण संकल्पित है। वैसे यह रिपोर्ट जारी होने के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने तीन जून को विरोध जता दिया था। साथ ही अमेरिका में नस्ली आधार पर होने वाले हमलों, घृणा के चलते होने वाले अपराधों और विवादास्पद बंदूक नीति के कारण निर्दोषों की हत्या पर चिंता जताई थी।

भारत के 546 मछुआरे पाकिस्तानी कैद में

विदेश राज्य मंत्री मुरलीधरन ने एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि समुद्र में मछली पकड़ने के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा गिरफ्तार भारतीय मछुआरों की रिहाई का मसला सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इस संबंध में दोनों देशों के अधिकारी बात कर रहे हैं। मंत्री ने बताया कि भारत के कुल 546 मछुआरे पाकिस्तान की कैद में हैं और ये सभी गुजरात के रहने वाले हैं। राज्यसभा में सरकार ने बताया कि 2019 में पाकिस्तान के साथ रुका व्यापार अभी तक कायम नहीं हुआ है और न ही उसके लिए कोई वार्ता हुई है।

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Edited By: Dhyanendra Singh Chauhan