नई दिल्ली, प्रेट्र। केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के लिए तोहफा नीति में छूट की घोषणा की है। उसने तोहफा स्वीकार किए जाने की राशि को तीन गुना बढ़ा दिया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने हाल में संशोधित नियमों का हवाला देते हुए बताया कि समूह 'अ' और 'ब' के अधिकारी बिना सरकार की मंजूरी के 5,000 रुपये से अधिक का तोहफा स्वीकार नहीं करेंगे। पहले इन अधिकारियों के लिए तोहफा स्वीकार करने की अधिकतम सीमा 1,500 रुपये थी।

'स' समूह के कर्मचारी 2,000 रुपये तक के उपहार स्वीकार कर सकते हैं

इसी तरह समूह 'स' के कर्मचारी सरकार की मंजूरी लिए बिना अब 2,000 रुपये तक के उपहार स्वीकार कर सकते हैं। पहले यह सीमा 500 रुपये थी। समूह 'अ' में वरिष्ठ अधिकारी, जबकि समूह 'ब' में राजपत्रित व अराजपत्रित अधिकारी आते हैं। समूह 'स' में ज्यादातर क्लर्क व बहुद्देश्यीय कर्मचारी आते हैं।

उपहार स्वीकार करने की सीमा में एकरूपता

अधिकारियों ने बताया कि उपहार स्वीकार करने की सीमा में यह संशोधन तीन अखिल भारतीय सेवाओं-भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय डाक सेवा और भारतीय वन सेवा के अधिकारियों के लिए तय सीमा में एकरूपता की दृष्टि से किया गया है।

उपहार में मुफ्त परिवहन, बोर्डिग, लॉजिंग व अन्य लाभ आते हैं

उपहार में मुफ्त परिवहन, बोर्डिग, लॉजिंग व अन्य लाभ शामिल हैं। ये करीबी रिश्तेदार या निजी दोस्त के अलावा किसी अन्य की तरफ से उपलब्ध कराए जाते हैं। सामान्य भोजन, लिफ्ट या सामाजिक आतिथ्य उपहार की श्रेणी में नहीं आएंगे।

विदेशी अतिथियों से उपहार स्वीकार करने की सीमा खत्म

सरकार ने विदेशी अतिथियों से उपहार स्वीकार करने व रखने की 1000 रुपये की सीमा को भी खत्म कर दिया है। कार्मिक मंत्रालय के आदेश के अनुसार, 'विदेश अंशदान (उपहार को स्वीकार करना या रखना या दान) नियम-2012 के प्रावधान में समय-समय पर हुए संशोधनों के मुताबिक एक सरकारी सेवक जो भारतीय प्रतिनिधिमंडल का सदस्य है या अन्य, विदेशी विशिष्ट लोगों से उपहार स्वीकार कर और रख सकता है।'

Posted By: Bhupendra Singh

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