नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्र सरकार ने राज्य स्वास्थ्य सचिवों की जल्द बैठक बुलाई है। प्रस्तावित राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण योजना (एनएचपीएस) की विशेषताओं का निर्णय लेने के लिए यह बैठक बुलाई गई है। बता दें कि बजट 2018-19 में केंद्र सरकार ने 10 करोड़ परिवारों के 50 करोड़ लोगों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा देने की घोषणा की है। यह योजना दो अक्टूबर से लागू हो जाएगी। इससे पहले मोदी सरकार ने योजना पर काम करना शुरू कर दिया है। जिसके तहत राज्य स्वास्थ्य सचिवों की बैठक बुलाने का फैसला लिया गया है।

हालांकि बैठक के पहले एक विस्तृत संकल्पना नोट पहले ही जारी कर दिया गया है। एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने संकेत दिया है कि चर्चा के लिए उठाए जाने वाले मुद्दों में विभिन्न राज्यों की मौजूदा स्वास्थ्य योजनाओं को व्यापक राष्ट्रीय योजना में शामिल करने की संभावना शामिल है और एक से अधिक बीमा उत्पाद को खत्म करने की संभावना शामिल है। मोदी सरकार के केंद्रीय बजट 2018-19 में एनएचपीएस के लिए 2,000 करोड़ रुपये का प्रारंभिक फंड जारी किया गया है, जिसका मकसद 10 करोड़ से अधिक गरीब और कमजोर परिवारों को 5 लाख रुपये का चिकित्सा कवर प्रदान करना है।

एक अधिकारी ने कहा, इसका अध्ययन पहले से ही कैबिनेट सचिवालय द्वारा किया गया है जो विशेष रूप से संबंधित बीमा उत्पादों की पैकिंग पर केंद्रित है।नीति आयोग ने एनएचपीएस की कुल लागत का लगभग 12,000 करोड़ रुपये का अनुमान लगाया है। अधिकारी ने कहा, 'इस परियोजना पर पिछले दो साल से काम चल रहा है।' केंद्र सरकार को इस साल अक्टूबर में योजना को शुरू करने की उम्मीद जता रही है। इसके समग्र व्यय को केंद्र और राज्यों द्वारा संयुक्त रूप से 60:40 अनुपात में बांटा जाएगा।

कैशलेश होगी चिकित्सा बीमा योजना

केंद्र सरकार ने दावा किया है कि बजट में घोषित सबसे बड़ी चिकित्सा बीमा योजना कैशलेस होगी। इसलिए इसमें अपनी जेब से इलाज के लिए खर्च करने के बाद भुगतान के लिए दावा करने की जरुरत नहीं होगी।

Posted By: Nancy Bajpai