नई दिल्‍ली, जेएनएन।गांव, गरीब और मजदूरों तक पहुंची डिजिटल क्रांति नए भारत का निर्माण कर रही है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद का मानना है कि देश की मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था के कारण ही यह संभव हो सका है। यही वजह है कि दुनियाभर के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भारत आ रहे हैं। प्रसाद ने भारत में काम कर रहे सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से सार्थक और सृजनात्मक प्रतिभाओं को जगह देने को भी कहा।

जागरण फोरम में डिजिटल क्रांति और सामाजिक बदलाव विषय पर आयोजित सत्र में प्रसाद ने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल इसीलिए बढ़ रहा है क्योंकि भारत के लोग टेक्नोलॉजी को लेकर जागरूक हैं। वे उसको बढ़ावा देने से पहले परखते हैं। इसलिए हमें बदलते हिंदुस्तान पर विश्वास करना चाहिए। यह डिजिटल क्रांति का ही परिणाम है कि सभी सरकारी सुविधाएं देश के आम आदमी के द्वार पर पहुंचने लगी हैं। प्रसाद ने ट्विटर और फेसबुक जैसे सोशल प्लेटफॉर्म को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी वहन करने के प्रति आगाह भी किया।

इससे पहले इसी सत्र में मोबाइल फोन और इंटरनेट से युवाओं पर पड़ रहे असर को लेकर हुई चर्चा में सब इस बात पर सहमत दिखे कि इसके सुरक्षित और स्वस्थ इस्तेमाल को बढ़ावा देना आवश्यक है। चर्चा में फेसबुक की पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर आंखी दास, ट्विटर की पब्लिक पॉलिसी हेड महिमा कौल और एम्स के डॉ. वाईपी बलहारा ने भाग लिया। चर्चा का संचालन नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने किया। डॉ. बलहारा ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि टेक्नोलॉजी के दुष्प्रभावों से युवाओं को बचाने के लिए आवश्यक है कि जिस तरह डॉक्टरी या इंजीनियरिंग पढ़ाई जाती है अथवा ड्राइविंग सिखाई जाती है, उसी तरह बच्चों को मोबाइल व इंटरनेट का प्रयोग करना भी सिखाया जाए। डॉ. बलहारा ने कहा कि टेक्नोलॉजी बुरी नहीं है बल्कि उसका गलत इस्तेमाल उसे खराब बना देता है।

नीति आयोग के सीईओ ने डिजिटल क्रांति से हो रहे सामाजिक बदलाव में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत जताई। कांत ने कहा कि डिजिटल क्रांति से ही यह संभव हो सका है कि लोगों को दी जाने वाली सब्सिडी में डीबीटी की वजह से सरकार 90,000 करोड़ रुपये की बचत करने में सफल रही है। उन्होंने फेसबुक और ट्विटर के प्रतिनिधियों से पूछा कि वे युवाओं को इन प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल को सकारात्मक दिशा में ले जाने के लिए क्या कर रहे हैं। आंखी दास ने कहा कि सोशल मीडिया पर ऐसे कई उपाय मौजूद हैं जिससे समय की बचत की जा सकती है। नोटिफिकेशन को म्यूट करने से लेकर कॉन्टैक्ट को ब्लॉक करने तक के उपाय फेसबुक पर मौजूद हैं। इससे फेसबुक यूजर प्लेटफॉर्म पर अपनी उपस्थिति को सार्थक बना सकता है। ट्विटर की महिमा कौल का मानना है कि ट्रोलिंग उनके प्लेटफॉर्म की एक बड़ी समस्या है। ट्विटर इसे रोकने के उपाय कर रहा है। इसके लिए कंपनी न केवल नीतिगत प्रयास कर रही है बल्कि ट्विटर हैंडल इस्तेमाल करने वालों को भी इससे संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

Posted By: Tilak Raj