नई दिल्‍ली, जेएनएन। कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी की नागरिकता पर फिर विवाद खड़ा हो गया है। दोहरी नागरिकता के मुद्दे पर गृह मंत्रालय की ओर से राहुल गांधी को नोटिस जारी किया गया है। राहुल गांधी को अगले 15 दिन में इस नोटिस का जवाब देना है। नोटिस में राहुल गांधी से पूछा गया है कि दोहरी नागरिकता के आरोपों पर उनका क्‍या कहना है? हालांकि, यह पहला मौका नहीं है, जब राहुल गांधी की नागरिकता का मुद्दा उठा है। सूत्रों की मानें तो भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी स्‍वामी ने राहुल गांधी के ब्रिटिश नागरिक होने का दावा किया है। इसलिए ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत पर गृह मंत्रालय ने राहुल गांधी को दोहरी नागरिकता के मुद्दे पर नोटिस जारी किया है। हालांकि, कांग्रेस ने राहुल गांधी पर लगाए जा रहे सभी आरोपों को झूठा बताया है।

राहुल के बचाव में उतरीं प्रियंका
प्रियंका गांधी वाड्रा से जब गृह मंत्रालय के पत्र पर सवाल किया गया, तो उन्‍होंने इसे बकवास बताया। राहुल के बचाव में प्रियंका ने कहा, 'देखिए, इस तरह की बकवास बात मैंने पहले कभी नहीं सुनी है। इस बात को पूरा हिंदुस्तान जानता है कि राहुल गांधी हिंदुस्तानी हैं। राहुल हिंदुस्‍तान में पैदा हुआ, सबके सामने उसकी परवरिश हुई और सबके सामने वह बड़ा हुआ। सबको मालूम है, क्या बकवास है यह।'

वहीं, गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि राहुल गांधी को सामान्य कार्रवाई के तहत नोटिस भेजा गया है। राहुल गांधी के जवाब के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सुब्रमण्‍यम स्‍वामी के दावे को कांग्रेस पार्टी ने सिरे से खारिज कर दिया है। कांग्रेस प्रवक्‍ता रणदीप सुरजेवाला ने भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए कहा, 'देखिए, राहुल गांधी का जन्‍म भारत में हुआ है। वह जन्‍म से भारतीय हैं। हमारी पार्टी भाजपा सांसद के राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता के आरोप को खारिज करती है।' सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा के पास विपक्ष के आरोपों का कोई जवाब नहीं है। बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों का जवाब पीएम मोदी के पास नहीं है। इसलिए राहुल गांधी पर झूठे आरोप लगाकर लोगों को असल मुद्दों से भटकाने की कोशिश की जा रही है।

गौरतलब है कि इससे पहले राहुल गांधी के खिलाफ दोहरी नागरिकता का मुद्दा अमेठी के निर्दलीय प्रत्याशी ध्रुव राज ने उठाया था। उनका कहना था कि ब्रिटिश कंपनी पांच साल अस्तित्व में रही थी और उसने कुछ मुनाफा कमाया होगा, लेकिन राहुल के हलफनामे में उसका जिक्र नहीं है। इसके बाद भाजपा ने भी पूछा कि 2004 में दिए चुनावी हलफनामे के अनुसार राहुल गांधी ने किस कंपनी में निवेश किया था?

नरसिम्हा राव ने ही दावा किया कि इस कंपनी का नाम बैकप्स लि. है और यह लंदन में रजिस्टर्ड है। क्या राहुल इसके निदेशक थे? उक्त कंपनी द्वारा ब्रिटिश सरकार को दिए गए दस्तावेजों, जिनमें मेमोरेंडम ऑफ एसो. व 31 अगस्त, 2005 की अवधि के सालाना रिटर्न में साफ कहा गया है कि राहुल ब्रिटेन के नागरिक थे।

लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान राहुल गांधी की नागरिकता का मुद्दा उठने से भाजपा को कांग्रेस पर हमला करने का एक और मौका मिल गया है। भाजपा नेता चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी की नागरिकता का मुद्दा उठाते है, तो कोई आश्‍चर्य नहीं होगा। 

Posted By: Tilak Raj

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