यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 29, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Opposition Meet: शिमला की जगह बेंगलुरु में होगी विपक्षी दलों की बैठक, 13 और 14 जुलाई को होगा मंथन
एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने अपने एक बयान में कहा है कि विपक्षी दलों के नेताओं की अगली बैठक 13 ...और पढ़ें

नई दिल्ली, पीटीआई: एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया है कि विपक्षी दलों के नेताओं की अगली बैठक 13 और 14 जुलाई को बेंगलुरु में होगी। पटना में हुई विपक्षी दलों की बैठक के बाद तय किया गया था कि अगली बैठक शिमला में होगी। विपक्षी एकजुटता की हुई महाबैठक में सभी प्रमुख दलों ने एकजुट होकर 2024 की जंग लड़ने पर सहमति जताई थी।
भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकजुटता
देश में विपक्षी एकता को धार देने के मकसद से 23 जून को पटना में महाबैठक का आयोजन किया गया था। इस बैठक में विपक्ष के सभी प्रमुख दलों के नेताओं ने भाग लिया। हालांकि, बैठक से कुछ खास निकल कर नहीं आया। जिसके बाद यह तय किया गया कि विपक्षी दलों की अगली बैठक का आयोजन शिमला में किया जाएगा। जिसके बाद आज शरद पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी है कि बैठक अब शिमला की जगह 13 और 14 जुलाई को बेंगलुरु में होगी।
Next meeting of opposition parties to be held in Bengaluru on July 13-14: NCP chief Sharad Pawar
— Press Trust of India (@PTI_News) June 29, 2023
पवार का केंद्र पर निशाना
वहीं प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश की केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पवार ने कहा कि पटना में हुई विपक्षी दलों की बैठक के बाद पीएम मोदी बेचैन हैं। पटना में विपक्षी दलों की बैठक के बाद शरद पवार ने सोमवार को कहा था कि बैठक में प्रधानमंत्री पद पर कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने महाराष्ट्र के बारामती शहर में संवाददाताओं से कहा था कि बैठक में मुद्रास्फीति, बेरोजगारी और सांप्रदायिक ताकतों को प्रोत्साहित करने के लिए कुछ स्थानों पर जानबूझकर किए गए प्रयासों जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने विपक्षी दलों की बैठक की आलोचना के लिए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधा। पवार ने कहा कि भाजपा सम्मेलन को लेकर चिंतित क्यों थी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा में राजनीतिक परिपक्वता की कमी है।
