नई दिल्ली, प्रेट्र/एनआइ। पिछले एक सप्ताह में हुई दर्जनों बैठकों के बावजूद महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर बना असमंजस का दौर अब शायद खत्म हो गया है। दिल्ली में कांग्रेस-राकांपा के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद कांग्रेस नेता एवं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने साफ-साफ शब्दों में कहा, 'हम बहुत जल्द एक स्थिर सरकार बनाने जा रहे हैं।'

वहीं, राकांपा प्रवक्ता नवाब मलिक ने इशारों-इशारों में शिवसेना से गठबंधन की बात भी कह दी। उन्होंने कहा कि राज्य में तीनों पार्टियों के साथ आए बिना सरकार नहीं बन सकती। हाल के दिनों में कांग्रेस-राकांपा की तरफ से शिवसेना से गठबंधन को लेकर पहली बार इस तरह का स्पष्ट संकेत दिया गया है।

जल्द ही नई सरकार का हो जाएगा गठन: चव्हाण

राकांपा प्रमुख शरद पवार के आवास पर दोनों पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद चव्हाण ने कहा कि चर्चा सकारात्मक रही और जल्द ही नई सरकार का गठन हो जाएगा। हालांकि उन्होंने अभी एक-दो दिन और चर्चा चलने की बात कही है।  महाराष्ट्र में सरकार गठन पर कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि कांग्रेस नेताओं और कांग्रेस-एनसीपी की बैठक गुरूवार को होगी। शाम में हम महाराष्ट्र के लिए निकल जाएंगे। परसों यानी शुक्रवार को तीनों पार्टियों (कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना) के बीच बैठक होगी।

वहीं, राकांपा प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा, 'वैकल्पिक सरकार बनाने के लिए कई बिंदुओं पर चर्चा हुई। चर्चा अभी चलेगी। तीनों पार्टियों के साथ आए बिना सरकार नहीं बन सकती।'

शरद पवार के घर कांग्रेस के दिग्गज नेता बैठक में हुए शामिल

बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, जयराम रमेश, मल्लिकार्जुन खड़गे, पृथ्वीराज चव्हाण, केसी वेणुगोपाल और बालासाहेब थोराट ने हिस्सा लिया। दूसरी तरफ, राकांपा की ओर से बैठक में सुप्रिया सुले, अजीत पवार, जयंत पाटिल और नवाब मलिक शामिल हुए।

उल्लेखनीय है कि 24 अक्टूबर को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से सरकार गठन को लेकर लगातार असमंजस की स्थिति बनी हुई है। चुनाव में भाजपा-शिवसेना गठबंधन को बहुमत मिला था, लेकिन ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद पर शिवसेना के दावे के बाद दोनों के रास्ते अलग हो गए। 12 नवंबर को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया।

बन गया है फॉर्मूला

सूत्रों के अनुसार पवार के आवास पर हुई बैठक में महाराष्ट्र में सरकार गठन से जुड़ी रूपरेखा और साझा न्यूनतम कार्यक्रम से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। बताया जा रहा है कि कैबिनेट में 16 पद शिवसेना, 15 राकांपा और 12 कांग्रेस को मिल सकते हैं। विधानसभा अध्यक्ष का पद भी कांग्रेस को मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री 50-50 की तर्ज पर बन सकता है। पहले ढाई साल शिवसेना का और बाद के ढाई साल राकांपा का मुख्यमंत्री रहेगा। कांग्रेस को उपमुख्यमंत्री का पद दिया जा सकता है।

मिठाई का ऑर्डर दे दिया गया है : राउत

कांग्रेस-राकांपा से मिले संकेतों को शिवसेना नेता संजय राउत ने मिठाई का ऑर्डर दे दिए जाने की संज्ञा दी है। राउत ने कहा कि राकांपा-कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि तीनों दल साथ आएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में जल्दी ही शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस की सरकार बनेगी और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे मीठी खबर सुनाएंगे। हालांकि इससे पहले दिन में राउत के एक बयान से संशय बन गया था। उन्होंने कहा था कि शिवसेना औपचारिक रूप से राजग से अलग ही नहीं हुई। उन्होंने सदन में शिवसेना सांसदों के बैठने की जगह विपक्षी खेमे में किए जाने के फैसले को शिवसेना को चोट पहुंचाने वाला बताया था। इस बीच शिवसेना विधायक अब्दुल सत्तार का कहना है कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे राज्य के मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने बताया कि पार्टी के सभी विधायकों को पहचान पत्र और पांच दिन के कपड़ों के साथ बुलाया गया है। शुक्रवार को विधायकों की बैठक होगी।

Posted By: Dhyanendra Singh

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