नई दिल्ली, प्रेट्र। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद से गैरजिम्मेदाराना और भड़काऊ बयान देने वाले पाकिस्तान को भारत ने ढंग का पड़ोसी बनने की नसीहत दी है। भारत ने उम्मीद जताई है कि वह भारत में हिंसा भड़काना, आतंकवाद फैलाना और घुसपैठ कराना बंद करके सामान्य पड़ोसी जैसा व्यवहार करेगा। भारत ने कहा कि उसने जो हालात दिखाने की कोशिश की है, वे जमीनी हकीकत से बहुत दूर हैं।

पाक नेतृत्व का अति गैरजिम्मेदाराना बयान
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने संवादाताओं से कहा, 'हम भारत के अंदरूनी मामलों के बारे में पाक नेतृत्व के अति गैरजिम्मेदाराना बयानों की कड़ी भ‌र्त्सना करते हैं। ऐसे भड़काऊ बयान आ रहे हैं जिसमें भारत में हिंसा को उकसाना और जिहाद का आह्वान करना शामिल है।' जम्मू-कश्मीर को लेकर पाकिस्तान से आने वाले बयानों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से 40-50 बयान आ गए हैं। ये ऐसे बयान हैं जो बेहद गैरजिम्मेदाराना हैं। इनका मकसद क्षेत्र में गंभीर स्थिति का माहौल पेश करना है। वे (पाकिस्तानी नेतृत्व) मामले को तूल देना चाहते हैं ताकि दुनिया को लगे कि कुछ हो रहा है। लेकिन वास्तव में स्थिति अलग है, ऐसा कुछ हो ही नहीं रहा है। उनकी (पाकिस्तान) ओर से जो भी कहा जा रहा है, वह झूठ और मनगढ़ंत है। पाकिस्तान को समझना चाहिए कि दुनिया उसके झूठ को छल को जान चुकी है।

आतंकवाद को सरकारी नीति के हिस्से के रूप में इस्तेमाल कर रहा पाकिस्‍तान
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद को सरकारी नीति के हिस्से के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। हमने इस बारे में अपनी चिंताओं से अवगत कराया है। हमें खबर मिली है कि पाकिस्तान आतंकियों की घुसपैठ कराने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आतंकवादियों पर ठोस कार्रवाई करे ताकि वे दोबारा घुसपैठ नहीं कर सकें। आतंकवाद को जड़ से समाप्त करना पाकिस्तान का दायित्व भी है। रवीश कुमार ने कहा, 'हम चाहते हैं कि पाकिस्तान आतंकवादियों की घुसपैठ न कराए बल्कि सामान्य पड़ोसी की तरह व्यवहार करे। सामान्य पड़ोसी ऐसा व्यवहार नहीं करते जैसा कि पाकिस्तान कर रहा है।' उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ने परमाणु क्षमता संपन्न सतह से सतह तक मार करने वाली 'गजनवी' मिसाइल के परीक्षण के बारे में भारत को स्थापित चलन के अनुरूप सूचित किया था।

जम्मू-कश्मीर की स्थिति में सकारात्‍मक सुधार
जम्मू-कश्मीर की स्थिति का जिक्र करते हुए रवीश कुमार ने कहा कि अगर आप पांच अगस्त के बाद से अभी की स्थिति को देखें तो इसमें निरंतर सकारात्मक सुधार हुआ है। उस क्षेत्र की तुलना देश के अन्य हिस्सों से न करें। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल की ओर से राज्य में सरकारी विभागों में 50 हजार रिक्तियां भरने सहित सेब के उत्पादन के संबंध में न्यूनतम समर्थन मूल्य, ब्लॉक विकास परिषद के चुनाव अक्टूबर में पूरा करने सहित अन्य घोषणाओं का जिक्र किया।
पाकिस्तान की ओर से एयर स्पेस बंद करने की खबर के संबंध में प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से इस बारे में आधिकारिक बयान नहीं आया है जिससे इसकी पुष्टि होती हो। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत दक्षिण चीन सागर में नौवहन की स्वतंत्रता एवं अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन का पक्षधर है।

यूएनएचआरसी को लिखे पत्र को भारत महत्व नहीं देना चाहता
भारत में मानवाधिकार से जुड़े विषयों के बारे में कुछ अंतरराष्ट्रीय संगठनों की चिंता पर रवीश कुमार ने कहा कि भारत इन अपुष्ट बयानों को पूरी तरह खारिज करता है। ये तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। एक सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा यूएनएचआरसी को लिखे पत्र को भारत महत्व नहीं देना चाहता।

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गौरतलब है कि कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान आए दिन युद्ध की धमकी तक दे रहा है। पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख राशिद अहमद ने एक कदम आगे बढ़कर युद्ध के समय का एलान तक कर दिया था। शेख राशिद की भविष्यवाणी के मुताबिक दोनों देशों के बीच अक्टूबर या फिर नवंबर में युद्ध होगा। बता दें कि ये वही राशिद अहमद हैं जो भारत के खिलाफ गलत बयानी करने पर हाल ही में लंदन में जूतों से पीटे थे और उन पर अंडे फेंके गए थे।

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Posted By: Manish Pandey

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