नई दिल्ली, एएनआइ। दिल्ली में हो रही हिंसा पर अमेरिकी संस्था और कुछ नेताओं द्वारा की गई टिप्पणी पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने जवाब दिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने जवाब में कहा कि मीडिया वर्ग और कुछ व्यक्तियों पर की गई टिप्पणियां तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक हैं। इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का उद्देश्य प्रतीत हो रहा है। साथ ही, नसीहत दी है कि इस तरह की गैर जिम्मेदाराना टिप्पणी ना करें। 

पीएम कर चुके हैं शांति की अपील: विदेश मंत्रालय

मंत्रालय ने अपने बयान में आगे कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां ​​हिंसा को रोकने और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए काम कर रही हैं। वरिष्ठ सरकारी प्रतिनिधि प्रक्रिया में शामिल हैं। पीएम ने शांति और भाईचारे की अपील की। हम आग्रह करेंगे कि इस समय गैर जिम्मेदाराना टिप्पणी न की जाए।

जानकारी के लिए बता दें कि अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता मामलों संबंधी अमेरिकी आयोग (यूएससीआईआरएफ) ने दिल्ली हिंसा पर बुधवार को बयान दिया था। उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए भारत सरकार से अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जल्द से जल्द कार्रवाई करने की अपील की थी। 

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने दिया ये बयान

बुधवार को संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने कहा था कि वह नई दिल्ली की स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने ये भी कहा था कि प्रदर्शनकारियों को शांति से प्रदर्शन करने की अनुमति दी जानी चाहिए और सुरक्षा बलों को संयम दिखाना चाहिए। 

डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता और अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार बर्नी सैंडर्स ने भी दिल्ली हिंसा को लेकर ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था कि 200 मिलियन से ज्‍यादा मुसलमान भारत को अपना घर बताते हैं। कई लोगों की हिंसा में मौत हो गई है और कई घायल भी हुए हैं। ट्रंप ने इस पर कहा कि यह भारत का मामला है। यह मानवाधिकारों पर नेतृत्व की असफलता है। जानकारी के लिए बता दें कि नागरिकता कानून पर दिल्ली में भड़की हिंसा पर अबतक 34 लोगों की जान जा चुकी है। 

Posted By: Ayushi Tyagi

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