नई दिल्ली, प्रेट्र: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने गुरुवार को कहा कि भारत को किफायती, सुलभ और उच्च गुणवत्ता वाले स्वास्थ्य सेवा पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करने के लिए खुद का माडल तैयार करने पर ध्यान देना चाहिए। यहां प्रमुख कारपोरेट अस्पतालों के साथ एक बैठक को संबोधित करते हुए, मंडाविया ने देश की योग्य आबादी को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए अस्पतालों के दृष्टिकोण को मजबूत करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, उन्होंने जोर देकर कहा कि अस्पतालों द्वारा बताई गई विभिन्न चुनौतियों को सरकार और हितधारकों के सामूहिक प्रयासों से हल किया जा सकता है। बयान में मंत्री के हवाले से कहा गया है, 'हम दुनिया की सर्वोत्तम प्रथाओं का अध्ययन कर सकते हैं। हालांकि, भारत को एक किफायती और उच्च गुणवत्ता वाला स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करने के लिए स्वयं का माडल विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। हमें स्वास्थ्य को सुलभ, सस्ता और मरीज के अनुकूल बनाने की जरूरत है।'

स्वास्थ्य मंत्री ने किसी भी सार्वजनिक स्वास्थ्य योजना के सफल क्रियान्वयन में अस्पतालों के योगदान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 'हील इन इंडिया' और 'हील बाय इंडिया' जैसी कई पहल योजनाओं का संचालन कर रही हैं। मंडाविया ने उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए अस्पतालों के दृष्टिकोण को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के दृष्टिकोण को साकार करने में उद्योग को पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव, राजेश भूषण ने कहा कि हो सकता है कि बदलाव के दौरान कई बाधाएं पैदा हो, लेकिन उन्हें यात्रा के दौरान हल किया जा सकता है।

Edited By: Amit Singh