नई दिल्‍ली, पीटीआइ। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रेल मंत्रालय से तूफान अम्फान के मद्देनजर श्रमिक ट्रेनों को लेकर एक गुजारिश की है। उन्‍होंने रेल मंत्रालय से कहा है कि 26 मई तक पश्चिम बंगाल में श्रमिक विशेष ट्रेनों को नहीं भेजा जाए क्‍योंकि महा चक्रवात अम्फान के कारण राज्‍य बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव राजीव सिन्हा की ओर से रेलवे बोर्ड के प्रमुख वीके यादव को 22 मई को लिखे गए पत्र में कहा गया है तूफान ने राज्‍य में मौजूदा इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर को भारी नुकसान हुआ है इसलिए इन ट्रेनों को 26 मई तक नहीं भेजा जाए।  

बंगाल सरकार की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि चूंकि इन दिनों प्रशासन राहत एवं पुनर्वास के कार्यों में व्यस्त है ऐसे में अगले कुछ दिनों तक विशेष ट्रेनों पर ध्यान दे पाना संभव नहीं होगा। इसलिए गुजारिश है कि 26 मई तक कोई भी ट्रेन पश्चिम बंगाल नहीं भेजी जाए। मालूम हो कि महातूफान अम्फान के चलते पश्चिम बंगाल में जानमाल का भारी नुकसान हुआ है। तूफान के चलते कम से कम 86 लोगों की मौत हो गई है। राज्‍य के प्रशासनिक अधिकारी स्थिति को सामान्य करने की कोशिशों में जुटे हुए हैं।

हालांकि लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों को घर भेजने के लिए श्रमिक विशेष ट्रेनें शुरू किए जाने के बाद सबसे कम रेलगाड़ियां पश्चिम बंगाल में ही भेजी गई हैं। गौरतलब है कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आरोप लगाया था कि बंगाल अपने प्रवासियों को लौटने की अनुमति नहीं दे रहा है। हालांकि बाद में यह तय किया गया कि इन ट्रेनों के परिचालन के लिए गंतव्य राज्य की सहमति लेना जरूरी नहीं है। फ‍िर बाद में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने पश्चिम बंगाल सरकार से इन श्रमिक विशेष ट्रेनों को राज्य में आने की इजाजत देने की गुजारिश की थी।  

उल्‍लेखनीय है कि बीते एक मई से अब तक करीब 2,000 श्रमिक स्‍पेशल ट्रेनें विभिन्‍न राज्‍यों के लिए चलाई गई हैं। इन ट्रेनों में 31 लाख प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाया जा चुका है। पश्चिम बंगाल की बात करें तो राज्‍य में अब तक करीब 25 रेलगाड़ियां पहुंची हैं। बीते बुधवार को पश्चिम बंगाल में महा चक्रवात अम्फान के भीषण तबाही मचाई थी जिसमें 10 लाख से ज्यादा घर नष्‍ट हो गए और हजारों पेड़ उखड़ गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, आपदा के चलते लाखों लोग बेघर हो गए हैं। आधिकारिकी सूत्रों की मानें तो राज्य के करीब 1.5 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं। 

Posted By: Krishna Bihari Singh

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