मुंबई, एएनआइ। शिवसेना के वरीष्ठ नेता और पूर्व सीएम मनोहर जोशी के बयान पर पार्टी ने सफाई दी है।शिवसेना की नेता नीलम गोरे ने कहा है कि मनोहर जोशी जी ने एक बयान दिया है कि शिवसेना और भाजपा जल्द ही एक साथ आएंगे, यह उनका निजी बयान है न कि शिवसेना का आधिकारिक रुख। नेताओं की एक पीढ़ी में इस तरह की भावनाएं स्वाभाविक हैं।

महाराष्ट्र को लगभग एक महीने के सियासी उठापटक के बाद सरकार तो मिल गई, लेकिन सियासी ड्रामा अभी भी जारी है। पिछले महीने सीएम पद पर रार को लेकर शिवसेना भाजपा का गठबंधन टूट गया और अंत में राज्य में महाअघाड़ी (शिवसेना,कांग्रेस और एनसीपी का गठबंधन) की सरकार बनी। अब मनोहर जोशी के इस बयान ने सरकार के लिए मुसीबत खड़ी कर दी। 

मनोहर जोशी ने क्या दिया बयान

गौरतलब है कि मनोहर जोशी ने सोमवार के कहा था कि निकट भविष्य में शिवेसना और भाजपा एक साथ आ सकती हैं। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे इस मुद्दे पर सही समय पर फैसला लेंगे। उन्होंने साथ में यह भी कहा था कि छोटे मुद्दों पर लड़ने के बजाय कुछ चीजों को सहन करना बेहतर है। उन मुद्दों को साझा करना अच्छा है, जिन्हें आप दृढ़ता से महसूस करते हैं। यदि दोनों पक्ष एक साथ काम करते हैं, तो यह दोनों के लिए फायदेमंद है।

नहीं हुआ मंत्रालय का बंटवारा, फडणवीस का हमला

राज्य में भले ही एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस ने सरकार बना ली हो,लेकिन अभी तक मंत्रालय का बंटवारा नहीं हुआ है। इसके मद्देनजर भी सरकार चलाने को लेकर सवाल उठ रहा है। महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने इसे लेकर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा किविधानसभा का शीतकालीन सत्र केवल छह दिनों के लिए बुलाया गया है। सरकार के गठन के बाद से न तो मंत्रालय का आवंटन हुआ है और न ही मंत्रालय का विस्तार हुआ है। यह (सत्र) एक औपचारिकता के रूप में आयोजित किया जा रहा है।

नागरिकता विधेयक पर कांग्रेस की नाखुशी के बाद शिवसेना का स्टैंड बदला

कांग्रेस आलाकमान ने सोमवार को लोकसभा में नागरिकता (संशोधन) विधेयक, 2019 के पक्ष में शिवसेना के मतदान से नाखुश है। इसके बाद शिवसेना ने अपना स्टैंड बदला। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा था कि जबतक सबकुछ साफ नहीं होता वह बिल का समर्थन नहीं करेंगे।

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