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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 09, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Maharashtra Politics: एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से की मुलाकात, कैबिनेट विस्तार पर हुई चर्चा

By Mahen KhannaEdited By:
Published: Sat, 09 Jul 2022 09:43 AM (IST)Updated: Sat, 09 Jul 2022 12:14 PM (IST)

Maharashtra Politics शिंदे और फडणवीस ने आज भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की है। शुक्रवार रात गृह मंत्री अमित ...और पढ़ें

शिंदे-फडणवीस ने भाजपा अध्यक्ष नड्डा से की मुलाकात।
शिंदे-फडणवीस ने भाजपा अध्यक्ष नड्डा से की मुलाकात।

नई दिल्ली, एजेंसी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने इससे पहले राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से भी शिष्टाचार भेंट की। समाचार एजेंसी पीटीआइ के अनुसार शिंदे और फडणवीस ने शुक्रवार रात गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की और माना जा रहा है कि दोनों ने कैबिनेट विस्तार के फार्मूले की व्यापक रूपरेखा पर चर्चा की है। इसी के मद्देनजर आज पीएम मोदी से मुलाकात कर इसपर मुहर लग सकती है।

राजनाथ सिंह से भी की मुलाकात

महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने आज भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर उनसे भेंट की। नेताओं में महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर चर्चा हुई।

शाह का ट्वीट- दोनों महाराष्ट्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे

शाह ने शुक्रवार रात दोनों नेताओं से मुलाकात के बाद एक ट्वीट भी किया। उन्होंने कहा, "मुझे विश्वास है कि नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में आप दोनों ईमानदारी से लोगों की सेवा करेंगे और महाराष्ट्र को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।" बता दें कि शिंदे और फडणवीस की यह मुलाकात सुप्रीम कोर्ट में ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना द्वारा शिंदे और उनके गुट के 15 विधायकों को अयोग्य ठहराने की याचिका पर एक महत्वपूर्ण सुनवाई से पहले हुई है।

शिंदे बोले- हमें न्यायपालिका पर भरोसा

सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना की याचिका पर बोलते हुए शिंदे ने कहा, "हमें न्यायपालिका पर भरोसा है।" शिंदे ने कहा कि उनके नेतृत्व वाले समूह को शिवसेना के दो-तिहाई विधायकों का समर्थन प्राप्त है। गौरतलब है कि शिंदे के विद्रोह से शुरू हुए विभाजन से पहले शिवसेना के पास 55 विधायक थे। शिवसेना के लगभग 40 विधायकों ने शिंदे का समर्थन किया है, जिन्हें बाद में निर्दलीय और छोटे दलों के विधायकों का भी समर्थन मिला।