राज्य ब्यूरो, मुंबई। महाराष्ट्र में नई सरकार बनने के बाद पहली बार अपने गृहनगर नागपुर पहुंचे देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मैं उपमुख्यमंत्री बनने के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एवं भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के हस्तक्षेप और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से चर्चा के बाद मैंने अपना निर्णय बदला।

कहा- शाह, नड्डा के हस्तक्षेप और पीएम से चर्चा के बाद अपना निर्णय बदला

फडणवीस ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह और मैंने मिलकर एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाने का निश्चय किया। यह कहना गलत नहीं होगा कि शिंदे को मुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव मैंने ही केंद्रीय नेतृत्व के सामने रखा था। उस समय यह भी तय किया गया था कि मैं सरकार से बाहर रहूंगा। बाद में पार्टी अध्यक्ष नड्डा ने फोन करके बताया कि मुझे उपमुख्यमंत्री बनाने का निर्णय किया गया है। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व का मानना था कि मुझे सरकार में इसलिए शामिल होना चाहिए, क्योंकि संविधान से इतर सत्ता के रूप में सरकार चलाना उचित नहीं होगा। इसलिए मैंने नेतृत्व का आदेश मानते हुए अपना निर्णय बदला।

2019 में जनादेश को चुरा लिया गया

फडणवीस ने कहा, 2019 का विधानसभा चुनाव शिवसेना-भाजपा गठबंधन ने जीता था। इस जनादेश को चुरा लिया गया। हमारी पार्टी और शिंदे के नेतृत्व वाला शिवसेना विधायकों का समूह समान विचारों के कारण साथ आया है, न कि सत्ता के लिए। बता दें कि महाराष्ट्र में बड़े उलटफेर के बाद ढाई साल से चलती आ रही उद्धव सरकार पिछले सप्ताह गिर गई और शिवसेना के 40 विधायकों के साथ भाजपा सरकार बन चुकी है। सरकार के विश्वासमत जीतने के बाद फडणवीस पहली बार अपने गृहनगर नागपुर पहुंचे तो भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया।

Edited By: Arun Kumar Singh