मुंबई, ओमप्रकाश तिवारी। MLAs Parade in Maharashtra: महाराष्ट्र की राजनीति में तेजी से बदलते घटनाक्रम में सोमवार को शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस ने संयुक्त रूप से अपने विधायकों की मीडिया के सामने परेड कराई। गठबंधन ने 162 विधायकों के परेड में शामिल होने का दावा किया, लेकिन वहां मौजूद सूत्रों ने विधायकों की संख्या 137 बताई। यही नहीं, पांच सितारा होटल में एकत्र हुए विधायकों को उद्धव ठाकरे, शरद पवार और सोनिया गांधी के नाम की शपथ भी दिलाई गई।

उन्हें यह कसम भी दिलाई गई कि भाजपा का समर्थन नहीं करेंगे और वो किसी भी लालच में नहीं पड़ेंगे, लेकिन इस शक्ति प्रदर्शन के बीच राकांपा प्रमुख शरद पवार का व्हिप को लेकर डर भी साफ नजर आया, जब उन्होंने विधायकों को भाजपा सरकार के खिलाफ मतदान करने पर सदस्यता नहीं जाने का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर बाबा साहेब आंबेडकर और छत्रपति शिवाजी महाराज के नारे लगाए गए। इससे पहले तीनों दलों के प्रतिनिधियों ने राजभवन जाकर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को शिवसेना के नेतृत्व में गठबंधन सरकार के समर्थन में 162 विधायकों का पत्र सौंपा था।

अजीत और व्हिप का उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई : शरद पवार 

यह महाराष्ट्र में ही नहीं, शायद देश में पहला मामला होगा कि किसी गठबंधन ने अपने विधायकों को सार्वजनिक रूप से मीडिया के सामने पेश किया। विधायकों की परेड के बाद शरद पवार ने कहा कि सरकार के लिए बहुमत से ज्यादा विधायक यहीं हमारे साथ हैं। उन्होंने अपनी पार्टी के विधायकों को यह भी भरोसा दिलाया कि भाजपा सरकार के खिलाफ मतदान करने से उनकी सदस्यता नहीं जाएगी। उन्होंने यहां तक कहा कि यह सुनिश्चित करने की उनकी निजी जिम्मेदारी है कि किसी भी विधायक की सदस्यता नहीं जाए। शरद पवार को शायद यह डर सता रहा है कि अजीत पवार को ही विधायक दल का नेता न मान लिया जाए और उनके व्हिप को ही पार्टी का तरफ से जारी असली व्हिप। बगावत के बाद पवार ने अजीत पवार को राकांपा विधायक दल के नेता के पद से हटा दिया था। 

एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा, जो लोग केंद्र सरकार में हैं, उन्होंने एक और राज्य में यह काम किया था। यह उनका इतिहास है। उन्होंने गलत तरीके से यह सरकार बनाई है। यह गठबंधन सिर्फ कुछ समय के लिए नहीं, लंबे समय तक के लिए हैं। पवार ने कहा कि महाराष्ट्र में कुल 288 सीटें हैं। सबसे ज्यादा जीते विधायक यहां पर हैं।  कर्नाटक, गोवा, मणिपुर में बहुमत न होते हुए भी इन्होंने सत्‍ता का दुरुपयोग कर सरकार बनाई। देश का इतिहास अब बदलेगा, जिसकी शुरुआत महाराष्ट्र से होगी।

शरद पवार ने कहा कि अजीत पवार को विधायक दल का नेता चुना गया था, उन्होंने उसका दुरुपयोग किया बल्कि सबको गुमराह किया। व्हिप का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई होगी। हमने अजीत पवार को निकालने का फैसला ले लिया है। एनसीपी प्रमुख ने कहा कि हमने कानून के विशेषज्ञों से भी सलाह ली है। तीनों पार्टियां मिलकर निर्णय लेंगी। यह गोवा, मणिपुर नहीं महाराष्ट्र है। राज्यपाल हमारी बात जरूर सुनेंगे। 

भाजपा को अब बताएंगे कि शिवसेना क्‍या चीज है: उद्धव ठाकरे  

वहीं, उद्धव ठाकरे ने कहा कि भाजपा को अब बताएंगे कि शिवसेना क्या चीज है। ठाकरे ने कहा कि यह गठबंधन सिर्फ पांच साल ही नहीं लंबे समय तक चलेगा। उन्होंने भाजपा से कहा कि हम पिछले 25-30 सालों से आपके साथ थे, तब आप नहीं समझ पाएंगे। रास्ता छोड़ दे, क्योंकि शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस गठबंधन शासन करने आ रहा है।  हमारी इतनी संख्‍या है कि यह एक फोटो में नहीं आ रही है।

कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्‍यमंत्री अशोक चाह्वाण ने कहा कि राज्‍य में शिवसेना, एनसीपी, कांग्रेस और अन्‍य सहयोगी पार्टियों की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस-एनसीपी और शिवसेना के 162 नहीं बल्कि उससे ज्यादा विधायक हैं। उन्‍होंने महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ गठबंधन की मंजूरी के लिए सोनिया गांधी और राहुल गांधी को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि तीनों दलों के विधायकों का हस्ताक्षर लेकर हम लोग राज्यपाल के पास गए हैं। हमें उम्मीद है कि राज्यपाल इस पर गौर करेंगे।

फडणवीस सरकार साबित नहीं कर पाएगी बहुमत  

एनसीपी नेता जयंत पाटिल ने कहा, मुझे विश्वास है कि फ्लोर टेस्ट में, ये सभी 162 विधायक महाराष्ट्र की वर्तमान सरकार के खिलाफ मतदान करेंगे। देवेंद्र फडणवीस की सरकार बहुमत साबित नहीं कर पाएगी। हमें उम्मीद है कि राज्यपाल हमें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे। जल्‍द ही नई सरकार का गठन होगा। 

पवार साहेब इशारा कर देंगे तो खाली हो जाएगी भाजपा: नवाब मलिक 

एनसीपी प्रवक्‍ता नवाब मलिक ने कहा कि आपकी पार्टी में 70 विधायक ऐसे हैं जो कभी एनसीपी और कांग्रेस में रहे हैं। पवार साहेब इशारा कर देंगे तो उनकी पार्टी को खाली हो जाएगी। तोड़फोड़ की राजनीति पर पवार साहेब उतरते हैं तो हम भाजपा को खाली कर देंगे। उन्होंने कहा कि आप इज्जत बचाते हुए इस्तीफा दे दीजिए। 

सपा ने किया गठबंधन को समर्थन 

सपा नेता अबू आजमी ने कहा कि पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से अनुमोदन के बाद मैंने शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन के लिए सपा का समर्थन पत्र दिया है। महाराष्‍ट्र में सपा के दो विधायक हैं। 

सोनिया की शपथ लेना बाला साहेब का अपमान: भाजपा 

उधर, विधायकों की परेड के बाद भाजपा नेता आशीष शेलार सेलार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पलटवार किया और कहा कि फोटो आपका, फोटोग्राफर आपका, लेकिन इसे फिनिशिंग टच हम देंगे। उन्होंने कहा कि आज बालासाहेब के पोते ने यह कसम खाई कि हमें सोनिया गांधी का नेतृत्व स्वीकार है। यह बालासाहेब ठाकरे का सबसे बड़ा अपमान है। 

विपक्षी दलों ने विधायकों की परेड ऐसे समय में कराई है, जब मंगलवार को सुबह साढ़े दस बजे उनकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आना है। तीनों दलों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने के राज्यपाल के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की है।

राज्यपाल को 162 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा

इससे पहले, तीनों दलों की तरफ से राज्यपाल को समर्थन का पत्र सौंपा गया। इस पत्र पर शिवसेना विधायक दल के नेता एकनाथ शिंदे, राकांपा विधायक दल नेता जयंत पाटिल एवं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बालासाहब थोरात के हस्ताक्षर हैं।

बता दें कि पिछले महीने हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को सबसे ज्यादा 105 सीटों पर जीत मिली थी। जबकि, शिवसेना के हिस्से में 56, राकांपा के हिस्से में 54 और कांग्रेस के हिस्से में 44 सीटें आई थीं।

Posted By: Arun Kumar Singh

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