मुंबई/गुवाहाटी, एजेंसियां। शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद महाराष्‍ट्र में घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं। शिवसेना के नवनियुक्त विधायक दल के नेता अजय चौधरी ने महाराष्ट्र विधानसभा के उपाध्यक्ष को पत्र लिखकर विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं होने वाले बागी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं महाराष्ट्र से शिवसेना के कुछ और विधायक गुवाहाटी में उस होटल में पहुंचे हैं, जहां पार्टी के एकनाथ शिंदे एवं अन्य बागी विधायक ठहरे हुए हैं। शिंदे की ओर से भी महाराष्ट्र विधानसभा के उपाध्यक्ष को एक पत्र लिखा गया है।

डिप्टी स्पीकर के पास पहुंचा मामला

शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने मुंबई में बताया कि उद्धव गुट ने डिप्टी स्पीकर (महाराष्ट्र विधानसभा) के समक्ष याचिका दायर की है और मांग की है कि 12 विधायकों की सदस्यता रद कर दी जानी चाहिए क्योंकि वे कल की बैठक में शामिल नहीं हुए थे। बैठक से पहले नोटिस जारी किया गया था जिसमें कहा गया था कि अगर आप बैठक में शामिल नहीं हुए तो संविधान के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कुछ विधायक नहीं आए और कुछ ने बेवजह कारण बताए।

इन विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग...

1. एकनाथ शिंदे

2. प्रकाश सुर्वे

3. तानाजी सावंतो

4. महेश शिंदे

5. अब्दुल सत्तारी

6. संदीप भुमरे

7. भरत गोगावाले

8. संजय शिरसातो

9. यामिनी यादव

10. अनिल बाबरी

11. बालाजी देवदास

12. लता चौधरी

बागियों ने भी लिखा पत्र

शिवसेना के बागी 37 विधायकों ने महाराष्ट्र विधानसभा के उपाध्यक्ष को पत्र लिखकर घोषणा की है कि एकनाथ शिंदे ही सदन में उनके नेता बने रहेंगे। वही आज भी पार्टी विधायक दल के नेता हैं। साथ ही पार्टी के मुख्य सचेतक के रूप में भरतशेत गोगावाले की नियुक्ति को दर्ज करने को कहा गया है। इस पत्र में 37 बागी विधायकों के दस्‍तखत हैं। पत्र की एक कापी डिप्टी स्पीकर नरहरि जिरवाल, राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और विधान परिषद के सचिव राजेंद्र भागवत को भेजी गई है।

एक दिन पहले भी लिखा था पत्र

बुधवार को भी बागी विधायकों ने एक पत्र महाराष्ट्र के राज्यपाल, विधानसभा के उपाध्यक्ष और विधानसभा के सचिव को भेजा था, लेकिन इस पत्र पर 34 विधायकों के हस्ताक्षर थे जिनमें चार निर्दलीय विधायक भी शामिल थे। बागी विधायकों ने एक प्रस्ताव पारित कर कहा था कि एकनाथ शिंदे को 31 अक्टूबर, 2019 को शिवसेना विधायक दल का नेता चुना गया था। दूसरा प्रस्ताव मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) को लेकर पास किया गया था। जिसमें पहले से चले रहे शिवसेना के मुख्य सचेतक सुनील प्रभु को तत्काल प्रभाव से हटाकर विधायक भरत गोगावले को मुख्य सचेतक नियुक्त किया गया।

शिवसेना के और विधायक गुवाहाटी पहुंचे 

सूत्रों का कहना है कि कुछ और विधायक गुवाहाटी के रैडिसन ब्लू होटल पहुंचे हैं। समाचार एजेंसी एएनआइ की रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र के निर्दलीय विधायक किशोर जोर्गेवार और गीता जैन भी गुरुवार को गुवाहाटी पहुंच गए। अब गुवाहाटी के रेडिसन ब्लू होटल में एकनाथ शिंदे के साथ महाराष्ट्र शिवसेना के विधायक दादाजी भुसे, संजय राठौड़ और एमएलसी रवींद्र फाटक समेत शिवसेना के 37 से ज्यादा विधायक मौजूद हैं। बागी शिवसेना विधायकों ने सर्वसम्मति से एकनाथ शिंदे को अपना नेता भी चुन लिया है।

शिंदे ने दिए बड़े उलटफेर के संकेत

वहीं गुवाहाटी में अपने विधायकों के साथ शिवसेना विधायक एकनाथ शिंदे ने बड़े उलटफेर के संकेत दिए। उन्‍होंने कहा कि वे (भाजपा) एक राष्ट्रीय पार्टी हैं... उन्होंने मुझे बताया है कि मैंने जो निर्णय लिया है वह ऐतिहासिक है और जब भी मुझे उनकी जरूरत होगी वे मौजूद रहेंगे।

पवार बोले- इस संकट को भी देंगे मात

दूसरी ओर NCP प्रमुख शरद पवार ने कहा कि महा विकास अघाड़ी की सरकार अल्पमत में है या नहीं, यह विधानसभा में साबित होना है। जब प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा तो यह साबित हो जाएगा कि यह सरकार बहुमत में है। महाराष्ट्र में हमने कई बार ऐसे हालात देखे हैं। मैं अपने अनुभव से कह सकता हूं कि हम इस संकट को हरा देंगे और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में सरकार सुचारू रूप से चलेगी। महा विकास अघाड़ी ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को समर्थन देने का फैसला किया है। शिवसेना विधायक मुंबई लौट आएंगे तो स्थिति बदल जाएगी।

शिंदे की बगावत में भाजपा का हाथ नहीं : अजीत पवार

वैसे भाजपा इस पूरे घटनाक्रम में शामिल नहीं होने की बात कहती आ रही है। राकांपा नेता अजीत पवार का कहना है कि इस बगावत के चलते पैदा हुए सियासी संकट में उनको भाजपा का हाथ नजर नहीं आता। हालांकि शिंदे के बयान से संकेत नजर आ रहे हैं कि राज्‍य में चल रहे सियासी घटनाक्रम से भाजपा अछूती नहीं है।

बाकी राज्‍यों के विधायक भी आएं असम 

इस बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि असम में कई अच्छे होटल हैं, वहां कोई भी आकर ठहर सकता है... इसमें कोई दिक्कत नहीं है। मुझे नहीं पता कि महाराष्ट्र के विधायक असम में रह रहे हैं। अन्य राज्यों के विधायक भी असम आकर रह सकते हैं।

नारायण राणे की पवार को चेतावनी 

समाचार एजेंसी पीटीआइ के मुताबिक केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ने शुक्रवार को राकांपा अध्यक्ष शरद पवार पर आरोप लगाया कि वह शिवसेना के बागी विधायकों को धमका रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर विधानसभा में बागी विधायकों को कोई नुकसान हुआ तो उसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।राणे ने ट्वीट कर कहा, 'शरद पवार (बागी) विधायकों को धमका रहे हैं कि उन्हें महाराष्ट्र विधानसभा में आना चाहिए। वे निश्चित रूप से आएंगे और अपनी इच्छा के मुताबिक मतदान करेंगे। अगर उन्हें कोई नुकसान हुआ तो घर जाना मुश्किल होगा।' उन्होंने यह भी कहा कि एकनाथ शिंदे उनके पुराने साथी और दोस्त हैं।

Edited By: Krishna Bihari Singh