नई दिल्ली, जेएनएन। महाराष्ट्र में 80 घंटे तक मुख्यमंत्री रहे भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उन्होंने राजभवन जाकर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को अपना इस्तीफा सौंपा है। थोड़ी देर पहले ही उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने इस्तीफे की घोषणा की थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद इस्तीफा देने के लिए वह सीधा राजभवन पहुंचे। प्रेसवार्ता में उन्होंने शिवसेना पर जमकर हमला बोला। मालूम हो कि दोपहर में ही उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। इसके बाद फडणवीस के सामने इस्तीफा देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।

महाराष्ट्र की राजनीति ने मंगलवार को एक बार 360 डिग्री का टर्न लिया है। इसके साथ ही महाराष्ट्र के राजनीतिक हालात फिर तीन दिन पुराने मोड पर लौट आए हैं, जहां एनसीपी-शिवसेना-कांग्रेस गठबंधन सरकार बनाने की जद्दोजहद में जुटी थी। मंगलवार दोपहर पहले उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को अपना इस्तीफा सौंपा। इसके कुछ देर बाद ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी थी। प्रेस वार्ता खत्म करने के बाद वह शाम करीब चार बजे राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपने पहुंचे। इसके साथ ही महाराष्ट्र में एक साल पहले का कर्नाटक का राजनीतिक इतिहास दोहरा दिया गया है।

अजीत पवार के इस्तीफे की खबर सामने आते ही देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे की भी चर्चाएं शुरू हो गईं थीं। दरअसल सुप्रीम कोर्ट द्वारा बुधवार को लाइव टेलीकास्ट के जरिए फ्लोर टेस्ट का आदेश दिए जाने के बाद भाजपा के पास कोई रास्ता नहीं बचा था। देवेंद्र फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुले तौर पर ये बात स्वीकर की कि उनके पास फिलहाल बहुमत नहीं है।

इस्तीफे से ठीक पहले हुई मोदी-शाह-नड्डा की अहम बैठक

अजीत के इस्तीफे के कुछ देर बाद ही देवेंद्र फडणवीस ने दोपहर साढ़े तीन बजे मीडिया से वार्ता करने की घोषणा कर दी थी। उसी समय इस बात की चर्चा शुरू हो गई थी कि प्रेसवार्ता के दौरान देवेंद्र फडणवीस अपने इस्तीफे की घोषणा कर सकते हैं। साथ ही वह अगली रणनीति के बारे में भी मीडिया को जानकारी देंगे। मालूम हो कि अजीत पवार के इस्तीफे से थोड़ी देर पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने महाराष्ट्र को लेकर एक अहम बैठक की थी। माना जा रहा है कि इसी बैठक में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के इस्तीफे का फैसला लिया गया था।

एनसीपी-शिवसेना-कांग्रेस ने कराई थी विधायकों की परेड

मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने आज ही एनसीपी-शिवसेना-कांग्रेस की याचिका पर सुनवाई करते हुए फ्लोर टेस्ट का आदेश दिया था। एनसीपी-शिवसेना-कांग्रेस गठबंधन वाले महाविकास अघाड़ी के नेता शुरू से दावा कर रहे थे कि भाजपा के पास राज्य में सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत का आंकड़ा नहीं है। इसके खिलाफ अपने दावे को मजबूद करने के लिए गठबंधन की तरफ से मंगलवार शाम को मुंबई के होटल हयात में मीडिया के सामने विधायकों की परेड कराई गई थी।

शनिवार को चरम पर पहुंचा था राजनीतिक ड्रामा

महाराष्ट्र में एक महीने से ज्यादा लंबे समय से चला आ रहा राजनीतिक ड्रामा शनिवार को चरम पर पहुंच गया था।राज्य में अचानक से राष्ट्रपति शासन हटाकर सुबह आठ बजे ही राज्यपाल ने भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री और एनसीपी के अजीत पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिला दी थी। महाविकास अघाड़ी की तरफ से राज्यपाल के इस फैसले और महाराष्ट्र की नई सरकार को सुप्रीम कोर्ट में  चुनौती देते हुए जल्द से जल्द फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की गई थी।

शपथ ग्रहण में शामिल विधायकों ने झाड़ा पल्ला

एनसीपी-शिवसेना-कांग्रेस द्वारा मंगलवार शाम कराई गई विधायकों की परेड में दावा किया गया था कि उनके पास 162 से ज्यादा विधायकों का समर्थन हैं। इस दौरान एनसीपी के वो विधायक भी होटल में नजर आए, जो शनिवार सुबह शपथ ग्रहण के दौरान राजभवन में दिखे थे। इन विधायकों ने मीडिया के सामने ये कहकर सबको चौंका दिया था कि उन्हें शपथ ग्रहण के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उस वक्त अजीत पवार विधायक दल के नेता थे उन्होंने फोन कर बुलाया तो वह अपने नेता के निर्देशों का पालन करते हुए राजभवन पहुंच गए थे। राजभवन में वह लोग खुद भी देवेंद्र फडणवीस और अजीत पवार को शपथ लेते देखकर बहुत हैरान हुए थे। इतना ही नहीं इन विधायकों ने मीडिया के सामने ये भी कहा कि उनसे गलती हो गई थी। वह अब ये गलती नहीं दोहराएंगे। वह लोग शरद पवार के साथ हैं और वही उनके नेता हैं।

बुधवार को साबित करना था बहुमत

इसके बाद देवेंद्र फडणवीस और अजीत पवार के लिए बुधवार को विधानसभा में बहुमत साबित करना लगभग असंभव हो गया था। इसके बाद से ही कयास लगाए जाने लगे थे कि कर्नाटक की तरह यहां भी भाजपा के मुख्यमंत्री फ्लोर टेस्ट से पहले ही इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अभी इस्तीफा नहीं दिया है, लेकिन उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के इस्तीफा देने के बाद उनका गेम ओवर माना जा रहा है।

कौन होगा अगला मुख्यमंत्री

अजीत पवार के इस्तीफे और देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे की चर्चाओं के बीच महाराष्ट्र में अब अगले मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। थोड़ी देर पहले ही शिवसेना नेता संजय राउत ने मीडिया के सामने बयान दिया है कि उद्धव ठाकरे राज्य के नए मुख्यमंत्री होंगे। मालूम हो कि शनिवार को देवेंद्र फडणवीस और अजीत पवार के शपथ लेने से एक दिन पहले ही शुक्रवार शाम को महाविकास अघाड़ी ने राज्य में सरकार बनाने का फॉर्मूला तय कर लिया था।

शनिवार को महाविकास अघाड़ी गठबंधन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी घोषणा करने वाला था। इससे पहले ही देवेंद्र फडणवीस और अजीत पवार ने शपथ लेकर गठबंधन के मंसूबों पर पानी फेर दिया था। गठबंधन द्वारा तय फॉर्मूले और अजीत पवार के इस्तीफे के बाद संजय राउत के दावे के मुताबिक उद्धव ठाकरे पांच साल तक राज्य के मुख्यमंत्री रहेंगे। शुक्रवार को गठबंधन की बैठक के बाद जो खबरें सामने आ रहीं थी उसके मुताबिक, मुख्यमंत्री शिवसेना का होगा और एनसीपी व कांग्रेस से एक-एक उपमुख्यमंत्री होगा। हालांकि, इस फॉर्मूले की अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

Posted By: Amit Singh

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस