मुंबई, एजेंसी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Maharashtra Chief Minister Eknath Shinde) मंगलवार को अपने 40 दिन पुराने मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे। उद्धव ठाकरे सरकार गिरने के बाद शिंदे ने 30 जून को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उनके साथ भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस को उपमुख्यमंत्री बनाया गया था। इसके बाद से राज्य सरकार सिर्फ इन दोनों नेताओं के आसरे चल रही है। वहीं मंत्रिमंडल के विस्‍तार में देरी पर विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला है।

एक दर्जन विधायकों को बनाया जाएगा मंत्री

शिंदे ने नांदेड़ में पत्रकारों को बताया कि मंगलवार को मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा। जिन विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा, उनकी सूची बनाई जा रही है। मंगलवार तक सूची को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। वहीं शिंदे के एक निकट सहयोगी ने कहा कि एक दर्जन विधायकों को मंत्री बनाया जाएगा। शपथ ग्रहण समारोह दिन के 12 बजे होगा। विधानमंडल का मानसून सत्र जल्द होने वाला है। इसे देखते हुए हमने मंत्रिमंडल विस्तार का निर्णय लिया है।

संभावित मंत्रियों के नाम पर चर्चा

सोमवार शाम को फडणवीस के मुंबई स्थित आवास पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। इसमें संभावित मंत्रियों के नाम पर चर्चा की गई। स्थानीय निकाय चुनाव और लोकसभा चुनाव से पहले संगठन में होने वाली नियुक्तियों पर भी विचार-विमर्श किया गया। सूत्र ने बताया कि चूंकि राज्य विधानमंडल का मानसून सत्र जल्द आयोजित किया जाना है, इसलिए कैबिनेट विस्तार में 12 विधायकों को शामिल किए जाने का फैसला किया गया है। मंगलवार को शपथ लेने वाले मंत्रियों में कुछ विधान परिषद से भी होंगे।  

आगे भी दिया जा सकता है विस्‍तार 

वहीं कुछ सूत्रों का कहना है कि कैबिनेट विस्तार का अगला दौर बाद में होगा। विश्‍लेषकों का कहना है कि शिवसेना के अधिकांश विधायकों को तोड़ने वाले एकनाथ शिंदे के लिए मंत्रालय में सभी दावेदारों को समायोजित करना एक बड़ी चुनौती होगी। गौर करें तो पाते हैं कि एकनाथ शिंदे (Maharashtra Chief Minister Eknath Shinde) ने पिछले एक महीने के दौरान नई दिल्ली का सात बार दौरा किया है। हर दौरे के केंद्र में कैबिनेट विस्‍तार था ऐसी अटकलें भी खूब लगाई जाती रही हैं।

अजीत पवार ने बोला हमला  

महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता अजीत पवार (Ajit Pawar) ने कहा कि शिंदे ने उनके साथ शामिल होने वाले प्रत्येक विधायक को मंत्री पद देने का वादा किया था। अब शिंदे अपना वादा पूरा नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए कैबिनेट विस्तार में देरी हो रही है। अजीत पवार ने कहा कि मुख्यमंत्री को यह भी बताना चाहिए कि कैबिनेट के विस्‍तार में देरी किस वजह से हुई है। पवार ने यह भी बताया कि मंगलवार को संभावित मंत्रिमंडल विस्तार के लिए सरकार की ओर से उन्हें कोई आमंत्रण नहीं मिला है।

सभी को समायोजित करना बड़ी चुनौती 

अजीत पवार ने कहा कि यह स्पष्ट है कि शिंदे समूह में शामिल शिवसेना के सभी 40 बागी विधायकों को मंत्री पद नहीं मिलेगा। हालांकि एक राजनीतिक पर्यवेक्षक ने कहा कि महाराष्ट्र में नई सरकार के लिए कैबिनेट को विस्‍तार देने में जो देरी हुई है वह तेलंगाना की तुलना में कम है। तेलंगाना में साल 2019 में मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने कैबिनेट के पूर्ण विस्‍तार के लिए 61 दिनों तक इंतजार कराया था।

उद्धव का साथ छोड़ने वाले मंत्रियों को मिल सकती है जगह

उद्धव सरकार में मंत्री रहते हुए जिन शिवसेना विधायकों ने विद्रोह का झंडा उठाया था, उनको शिंदे सरकार में भी शामिल किया जा सकता है। पूर्व मंत्रियों-उदय सामंत, संदीपन भुमरे, दादा भुसे, गुलाबराव पाटिल और शंभुराज देसाई को फिर से मंत्री बनाने की चर्चा है। मिड-डे के अनुसार, भाजपा के कोटे से चंद्रकांत पाटिल, सुधीर मुनगंटीवार, गिरीश महाजन, सुरेश खाड़े और राधाकृष्ण विखे पाटिल मंत्री बनाए जा सकते हैं। भाजपा कुछ चौंकाने वाले नाम भी आगे बढ़ा सकती है।

Edited By: Krishna Bihari Singh