मुंबई, एएनआइ। भाजपा नेता शाइना एनसी ने बुधवार को कहा कि महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ 'महा विकास अघाड़ी को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए), राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) पर अपना रुख साफ करना चाहिए।

उसने कहा कि जो सीएए और एनआरसी नेत्रहीन विरोध कर रहे हैं, उन्हें इस पर टिप्पणी करने से पहले ड्राफ्ट को पढ़ना चाहिए। साथ ही कहा कि महाराष्ट्र सरकार के तीन सहयोगियों के बीच मतभेद अलग-अलग समन्वय को दर्शाता है और शरद पवार, उद्धव ठाकरे और बालासाहेब थोरात को इन मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।

शाइना ने रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के नेता रामदास अठावले ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एनसीपी और कांग्रेस छोड़ने और भाजपा-आरपीआई गठबंधन में वापस आने की अपील करते हुए जवाब दिया। शाइना एनसी ने कहा कि यह महागठबंधन सरकार नहीं, बल्कि महामहिम अगाड़ी सरकार है। रामदास अठावले जी ने जो भी कहा है, यह उनकी पार्टी का विचार है। 

बता दें कि महा विकास अघाड़ी में कई मुद्दों को लेकर मतभेद बना हुआ है।  नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) और भीमा कोरेगांव मामला समेत कई मुद्दों पर रार देखने को मिल रही है।राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (NPR) पर कांग्रेस और एनपीसी विरोध कर रही है। वहीं इसे लेकर उद्धव ठाकरे ने बयान दिया था कि ये दोनों अलग हैं। इससे किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए।

इतना ही नहीं उन्होंने कहा था कि वह एनपीआर पर किसी तरह की रोक नहीं लगाएंगे। उन्होंने साफ कहा कि इसमें कुछ भी विवादित नहीं है।  वहीं इसके विपरित शरद पवार ने कहा था कि यह उद्धव ठाकरे का नजरिया हो सकता है। रही बात हमारी तो हम इसके खिलाफ हैं।   हमने इसके खिलाफ में वोट किया था। राज्य में गठबंधन की सरकार है। पार्टियों के विचार में अंतर हो सकता है लेकिन जब फैसला लेने की बात आएगी तो तीनों पार्टियां साथ बैठकर फैसला लेंगी। 

Posted By: Ayushi Tyagi

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