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चेन्नई, प्रेट्र। मद्रास हाई कोर्ट ने अभियोजन को कार्ति चिदंबरम के खिलाफ मामले को विशेष कोर्ट में स्थानांतरित करने के निचले कोर्ट के आदेश की प्रति पेश करने को कहा है। निचली कोर्ट ने सांसदों और विधायकों के मामले की सुनवाई के लिए गठित विशेष कोर्ट में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है।

आयकर विभाग द्वारा शुरू की गई आपराधिक प्रक्रिया को विशेष कोर्ट में स्थानांतरित किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस पीडी अउदिकेसवालु ने सोमवार को निर्देश दिया। कार्ति और उनकी पत्नी श्रीनिधि के खिलाफ आयकर विभाग का मामला एग्मोरे एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के कोर्ट में लंबित है। निर्देश देने के बाद न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई एक सप्ताह बाद तय कर दी।

सुनवाई के लिए मामला पेश होने पर हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल का जवाबी हलफनामा पेश किया गया। रजिस्ट्रार जनरल ने मामला स्थानांतरित किए जाने को न्यायसंगत ठहराया है। जवाबी हलफनामे में कहा गया है कि स्थानांतरण सुप्रीम कोर्ट के 12 सितंबर 2018 के आदेश के अनुरूप है। याची द्वारा किया गया कथित अपराध आयकर अधिनियम की धारा 279 ए के तहत आता है।

उन्होंने कहा है कि इसके लिए याचियों को छह माह से कम सजा नहीं हो सकती है लेकिन यह जुर्माने के साथ ही सात साल की हो सकती है। ईओडब्ल्यू कोर्ट में एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट काडर के पास आयकर अधिनियम के उल्लंघन से संबंधित मामलों की सुनवाई का विशेष न्यायिक अधिकार नहीं है। इसलिए विशेष कोर्ट में मामला स्थानांतरित करने आदेश कानूनी विसंगति के दायरे में नहीं आता है।

Posted By: Nitin Arora

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