भोपाल, एएनआइ। मोटर व्हीकल एक्ट 2019 (NEW MV Act 2019) पर घमासन थमने का नाम नहीं ले रहा है। देशभर में नए ट्रैफिक नियमों के तहत बढ़े चालान शुल्क का विरोध हो रहा है। कई राज्य सरकारों ने अपने स्तर पर लोगों को राहत देने का काम शुरू कर दिया है। इसी बीच मध्य प्रदेश के परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने इसे लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इसे केंद्र सरकार का तुगलकी फरमान बताया है।

 

उन्होंने इसे लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा 'नए नियम के तहत अधिकांश जुर्माना राशि आम आदमी के खर्च से ज्यादा है। मैं मुख्यमंत्री के साथ इस विषय पर चर्चा करूंगा और जहां आवश्यकता होगी, वहां आम लोगों को राहत देने की कोशिश रहेगी।'

फैसले पर विचार कर केंद्र
बता दें कि इस नए एक्ट पर काफी घमासान देखने के मिल रहा है। इसका घामसान का आलम यह है कि गैर भाजपा राज्यों के साथ साथ भाजपा शासित प्रदेशों में भी इसे लेकर छूट की घोषणा की गई है। यही नहीं कुछ राज्यों ने केंद्र सरकार को अपने इस फैसले पर फिर से विचार करने को कहा है।

गुजरात ने दी सबसे पहले राहत 
एक सितंबर को लागू हुए इस एक्ट को बाद भाजपा शासित गुजरात में भारी जुर्माने से वाहन चालकों को राहत प्रदान की है। यहां नए मोटर व्हीकल एक्ट के जुर्माने की राशि को 50 फीसद तक कम कर दिया है। इसके अलावा महाराष्ट्र की भाजपा सरकार ने केंद्र को अपने इस फैसले पर फिर से विचार करने को कहा है। दिल्ली सरकार भी अपने दायरे में आने वाले चालान शुल्क कटौती पर विचार कर रही है। इसके अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में राज्य सरकार द्वारा यह एक्ट लागू नहीं किए गए है। यहां वाहन चालकों से यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर अब भी पुराना जुर्माना ही वसूला जा रहा है। 

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Posted By: Tanisk

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