कौन हैं एम नागेश्वर राव? जिन्होंने रिटायरमेंट के बाद सर्वजन सनातन पार्टी से की राजनीति में एंट्री
पूर्व सीबीआई निदेशक एम. नागेश्वर राव ने काशी से सर्वजन सनातन पार्टी की घोषणा की, जिसका उद्देश्य सनातन मूल्यों पर आधारित आधुनिक भारत का निर्माण करना है।

पूर्व CBI चीफ एम नागेश्वर की राजनीति में एंट्री।
HighLights
पूर्व सीबीआई निदेशक एम. नागेश्वर राव ने राजनीति में प्रवेश किया।
काशी में 'सर्वजन सनातन पार्टी' के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने।
सनातन मूल्यों पर आधारित आधुनिक भारत के निर्माण का लक्ष्य।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। काशी की पवित्र भूमि से पूर्व CBI निदेशक एम, नागेश्नर राव ने अपने सार्वजनिक जीवन के नए अध्याय की घोषणा की और सर्वजन सनातन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर अपनी नई राजनीतिक भूमिका की शुरुआत की।
भारत में लगभग चार दशकों तक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और प्रशासन के क्षेत्रों में काम करने के अपने अनुभव का जिक्र करते हुए, एम. नागेश्वर राव ने कहा कि भारत का पुनर्निर्णाण केवल प्रशासनिक सुधारों तक सीमित नहीं रह सकता। भारत को अपनी सभ्यतागत जड़ों से जुड़े रहते हुए आधुनिक विकास की ओर आगे बढ़ने की जरूरत है।
सनातन जन-कल्याण पर आधारित जीवन-दृष्टिकोण- नागेश्नर राव
उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वजन सनातन पार्टी की सोच में, 'सनातन' केवल पूजा-पद्धति नहीं है, बल्कि यह सत्य, धर्म, कर्तव्य, करुणा, न्याय, आत्म-संयम, प्रकृति, परिवार, समाज और जन-कल्याण पर आधारित जीवन-दृष्टिकोण है।
सर्वजन सनातन पार्टी की सोच चार मुख्य स्तंभों पर आधारित
शिक्षा-आधुनिक और वैश्विक स्तर की शिक्षा के साथ भारतीय सभ्यता, इतिहास और ज्ञान-परंपराओं का जुड़ाव, स्वास्थ्य- आधुनिक चिकित्सा और भारतीय स्वास्थ्य परंपराओं के ज्ञान को मिलाकर सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवा, आजीविका- युवाओं, किसानों, कारीगरों, मज़दूरों, छोटे व्यवसायों और उद्यमियों के लिए सम्मानजनक आजीविका और अवसर, सभ्यतागत जुड़ाव- भारत की भाषाओं, कलाओं, मंदिरों, तीर्थ-स्थलों, त्योहारों, ज्ञान-परंपराओं, परिवार और सांस्कृतिक संस्थानों को राष्ट्र की शक्ति के रूप में देखना।
पार्टी का उद्देश्य आधुनिक भारत का निर्माण
पार्टी ने कहा कि उसका उद्देश्य अतीत में लौटना नहीं है, बल्कि अपनी सभ्यतागत जड़ों पर खड़े होकर एक आधुनिक भारत का निर्माण करना है। एक ऐसा भारत जो तकनीकी और आर्थिक रूप से आधुनिक हो, फिर भी अपनी सांस्कृतिक पहचान से कटा हुआ न हो।
एम. नागेश्वर राव ने यह भी कहा कि सनातन को सिर्फ चुनावी प्रतीक के तौर पर नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, शासन, संस्कृति और सामाजिक जीवन में इसके मूल्यों की झलक के तौर पर भी देखा जाना चाहिए।
मंदिर और तीर्थ स्थल भारतीय सभ्यता के जीवंत संस्थान
उन्होंने मंदिरों और तीर्थ स्थलों को सिर्फ पूजा-पाठ की जगहों के बजाय भारतीय सभ्यता के जीवंत संस्थानों के रूप में संरक्षित करने और उनमें सम्मान, पारदर्शिता और सार्थक सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
उन्होंने साफ किया कि सनातन किसी के खिलाफ नहीं है और पार्टी का मकसद किसी जाति या समुदाय का विरोध करना नहीं, बल्कि सामाजिक बंटवारा करने के बजाय सभी के लिए काम करना है।
कौन हैं एम. नागेश्वर राव?
नागेश्वर राव ओडिशा कैडर से 1986 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी हैं। नागेश्वर राव की पहली पोस्टिंग 1989-90 में ओडिशा के तलचर में उप-मंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) के रूप में हुई थी, जहां उन्होंने अपनी काबिलियत के दम पर बेहतरीन प्रदर्शन किया। ओडिशा में अपनी पहली पोस्टिंग के दौरान ही उन्होंने अवैध खनन के लिए बदनाम तलचर में अपराध पर लगाम लगाकर पहचान बनाई।
पश्चिम बंगाल और ओडिशा में चिटफंड घोटाले की जांच करने वाले नागेश्वर राव को कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं। राव को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक, असाधारण सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक और ओडिशा के गवर्नर पदक दिया जा चुका है।
(समाचार एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)
