नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। Lok Sabha Election 2019 Result में जहां भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए को प्रचंड बहुमत मिला है, वहीं कांग्रेस को करार झटका लगा है। मोदी की सुनामी में बहने वाली कांग्रेस अकेली पार्टी नहीं है। इस बार के लोकसभा चुनावों में 610 क्षेत्रीय और छोटे राजनीतिक दल ऐसे रहे, जो मोदी लहर में एक भी सीट नहीं जीत सके।

चुनाव परिणामों के विश्लेषण से पता चलता है कि देश के 530 राजनीतिक दल ऐसे भी हैं, जिनका वोट शेयर इस बार के चुनावों में जीरो रहा। चुनाव आयोग के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, लोकसभा चुनाव 2019 में कुल 13 दल ऐसे थे जो सिर्फ एक सीट जीतकर लोकसभा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में सफल रहे हैं।

शून्य सीटों वाले बड़े क्षेत्रीय दल

फॉरवर्ड ब्लॉक, भारती राष्ट्रीय लोक दल (इनेलो), जननायक जनता पार्टी (जेजेपी), सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ), राष्ट्रीय लोक समता पार्टी, सर्व जनता पार्टी (एसजेपीए), जम्मू एंड कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी), ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (एआइएनआरसी), राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और पीएमके।

एक सीट जीतने वाले दल

सिर्फ एक सीट के साथ सदन में प्रवेश करने वाली पार्टियों में आम आदमी पार्टी, ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन पार्टी , एआइएडीएमके, ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट, क्रांतिकारी सोशलिस्ट पार्टी, वीसीके, सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा, राष्ट्रवादी डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (नगालैंड), जनता दल (एस), राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा , केरल कांग्रेस (एम) और मिजो नेशनल फ्रंट शामिल हैं। वहीं 2014 लोकसभा चुनावों में 12 दलों ने एक-एक सीट जीती थी।

राष्ट्रीय दलों का प्रदर्शन

इस बार छह राष्ट्रीय दलों (भारतीय जनता पार्टी, बहुजन समाज पार्टी , सीपीआइ , सीपीआइ (एम), कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) ने सामूहिक रूप से 2014 (342) की तुलना में 375 सीटें हासिल कीं।

इतने दल रहे सफल

इस बार कुल 37 राजनीतिक दल लोकसभा पहुंचने में कामयाब रहे। वहीं 2014 के लोकसभा चुनावों में कुल 464 पार्टियों में से 38 दलों ने लोकसभा में प्रवेश किया था।

पिछला प्रदर्शन

2014 के लोकसभा चुनावों में खाता न खोल पाने वाले 400 राजनीतिक दलों के 6,040 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।

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Posted By: Amit Singh