जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। बाघों के कुनबे को बढ़ाने में मिली सफलता के बाद अब उसी तर्ज पर लगभग लुप्तप्राय श्रेणी में पहुंच चुके हिम तेंदुओं के संरक्षण और संव‌र्द्धन को लेकर भी अभियान चलेगा। जिसमें भारत के साथ नेपाल, मंगोलिया और रूस सहित हिम तेंदुओं की मौजूदगी वाले अन्य देश भी शामिल होंगे। हालांकि पाकिस्तान और चीन इसमें शामिल नहीं हुआ। जबकि उन्हें आमंत्रित किया गया था। फिलहाल मौजूदा समय में करीब 12 देशों में हिम तेंदुओं की मौजूदगी के प्रमाण है। भारत में इनकी संख्या करीब 400 से 700 के बीच मानी जाती है।

केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने बुधवार को विश्व हिम तेंदुआ दिवस के मौके पर इसके संरक्षण और संव‌र्द्धन के लिए वैश्विक स्तर पर साझा कार्यक्रम (GSLEP) की शुरुआत की। उन्होंने इस दौरान हिम तेंदुओं की मौजूदगी वाले दूसरे देशों के भी प्रतिनिधियों को संबोधित किया और कहा कि अगले एक दशक में हम सभी को हिम तेंदुओं की संख्या को दोगुना करने का लक्ष्य तय करना चाहिए।

दुनिया में बाघों की कुल आबादी के 77 फीसद बाघ भारत में 

जावडेकर ने इस दौरान बाघों की संख्या के बढ़ाने को लेकर किए गए प्रयासों की जानकारी भी साझा की है। साथ ही बताया कि इन्ही प्रयासों की नतीजा है कि मौजूदा समय में दुनिया में बाघों की कुल आबादी के 77 फीसद बाघ भारत में पाए जाते है। इसके साथ ही उन्होंने बाघों की तरह हाईटेक तरीके से हिम तेंदुओं की गणना का काम भी शुरु करने की सहमति दी। उन्होंने कहा कि इनकी संख्या को दोगुना करने के प्रयासों को शुरु करने से पहले इनकी ठीक तरीके से गणना जरूरी है। इस बीच इसे लेकर एक कार्ययोजना तैयार करने के भी दो दिनों की एक बैठक भी रखी गई है। जिसकी शुरूआत भी बुधवार से हुई है। हालांकि इनमें चीन और पाकिस्तान को छोड़कर हिम तेंदुओं की मौजूदगी वाले लगभग सभी देश शामिल है।

इन देशों में है हिम तेंदुआ की मौजूदगी

भारत के अलावा दुनिया के जिन देशों में हिम तेंदुआ पाए जाते है, उनमें नेपाल, मंगोलिया, रूस,अफगानिस्तान, ताजिकिस्तान, उजवेकिस्तान, भूटान, चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान व पाकिस्तान शामिल है। हालांकि इसके अलावा म्यांमार भी इसकी मौजूदगी के दावे करता है।

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Posted By: Dhyanendra Singh

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