नई दिल्ली, एएनआइ। पूर्व केंद्रीय मंत्री केजे अल्फोंस ने केरल में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) व विपक्षी संयुक्त प्रगतिशील मोर्चा (यूडीएफ) पर चरमपंथी संगठनों को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य का तालिबानीकरण किया जा रहा है। अगर ऐसे ही चलता रहा तो अगले पांच-दस वर्षो में केरल दूसरा अफगानिस्तान बन जाएगा।

भाजपा नेता ने कहा, 'एलडीएफ व यूडीएफ केरल में चरमपंथ को बढ़ाने में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं। पिछले 25 वर्षो से राज्य, खासकर कुछ क्षेत्रों का तालिबानीकरण किया जा रहा है। यह बहुत दुखद है। मैं एलडीएफ व यूडीएफ को चेतावनी देता हूं कि आग से न खेलें। इन परिस्थितियों से निपटने का प्रयास करें, वर्ना चरमपंथ की आग एक दिन पूरे राज्य को बड़ा नुकसान पहुंचाएगी।'

राज्यसभा सदस्य अल्फोंस ने कहा, 'मैं केरल कैडर का आइएएस अधिकारी रहा हूं। वहां ऐसा कभी नहीं रहा। राज्य में शांति व सौहार्द रहा है। लोग भाईचारे के साथ रहते आए हैं, लेकिन ये दोनों गठबंधन चरमपंथ को बढ़ावा दे रहे हैं। उदाहरण के तौर पर यूडीएफ को ले लीजिए। कभी उसे नरमपंथी विचारधारा का माना जाता था, लेकिन आज वह कट्टर बन चुका है। कई चरमपंथी उसकी पनाह में फल-फूल रहे हैं। दूसरी तरफ, मुस्लिम मतों के चक्कर में एलडीएफ इन मसलों पर चुप्पी साधे है।'

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को प्रधानमंत्री मैटेरियल बताए जाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सपने देखने का हक सभी को है, चाहे वह सपना पीएम बनने का ही क्यों न हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आखिरकार सच को स्वीकार कर लिया है कि राहुल गांधी फेल हो गए हैं और वे प्रधानमंत्री मैटेरियल नहीं बन सकते हैं, लेकिन यह कहते हुए राज्यसभा सांसद ने कहा कि ममता बनर्जी को प्रधानमंत्री मैटेरियल के रूप में आत्मनिरीक्षण करने की जरूरत है।

अल्फोंस ने कहा कि एक समय था जब पश्चिम बंगाल में एक ईमानदार नौकरशाही थी, लेकिन अब यह सबसे भ्रष्ट नौकरशाही है और अधिकांश भ्रष्टाचार ममता बनर्जी और उनके परिवार के सदस्यों के आशीर्वाद से ही होते हैं। अगर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रधानमंत्री बनना चाहती हैं तो पहले उन्हें पश्चिम बंगाल को ठीक करना चाहिए और फिर प्रधानमंत्री बनने का सपना देखना चाहिए।

Edited By: Manish Pandey