नई दिल्‍ली, जेएनएन। पूरा देश आज जहां, आजादी का जश्‍न मना रहा है, वहीं केरल में लोग भारी बारिश के कारण परेशान हैं। यहां बारिश के कारण जानमाल का काफी नुकसान हो चुका है। भारी बारिश के चलते 18 अगस्त दोपहर 2 बजे तक कोच्चि एयरपोर्ट को बंद किया गया है। एर्नाकुलम जिले में भारी बारिश के बाद 17,974 लोग 117 राहत कैंपों में शिफ्ट किए गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी केरल के लोगों को भारी बारिश से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।

मौसम विभाग ने भारी बारिश के चलते केरल के कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। ये अलर्ट केरल के वायनाड, कोझिकोड़, कुन्नूर, कासरगोड, मालापुरम, पालाक्काड, इडुक्की जैसे जिलों में जारी किया गया है। केरल में इन जिलों में सड़कों पर सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है। लोगों के घरों में भी पानी घुस गया है। भारी बारिश के कारण लोगों का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है। यहां बारिश ने पिछले कई सालों को रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

मूसलाधार बारिश से राहत-बचाव कार्य बाधित

केरल में मूसलाधार बारिश के बाद आई बाढ़ ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। राज्य के कई हिस्सों में अब भी बारिश हो रही है, जिस कारण राहत-बचाव कार्य को भी अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच वायनाड जिले के उत्तरी पहाड़ी क्षेत्र समेत राज्य के कई हिस्सों को भारी भूस्खलन और बाढ़ का सामना करना पड़ा, जिससे रातोंरात हजारों लोगों को राहत शिविरों में आश्रय लेने के लिए मजबूर होना पड़ा।

भूस्‍खलन ने छीने लोगों के घर

पश्चिमी घाट के जिले में सोमवार को आए भूस्खलन के कारण कई लोगों को अपना घर छोड़कर भागना पड़ा। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को राहत शिविरों में शिफ्ट कर दिया गया है। जिले के 124 राहत शिविरों में 13,800 से अधिक लोगों को आश्रय प्रदान किया गया है। वहीं, अतिरिक्त पानी के निकास के लिए बाणासुर सागर बांध के शटर को सोमवार रात को खोलना पड़ा।

187 से ज्‍यादा लोगों की जान जा चुकी

सोमवार को केरल के कई हिस्सों में जमकर बारिश हुई, जिससे भूस्खलन की घटनाओं में इजाफा देखा गया। केरल की मूसलाधार बारिश के बाद आई बाढ़ में पिछले छह दिनों में 39 लोगों की मौत हो चुकी है। गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय आपातकालीन संचालन केंद्र (एनइआरसी) के मुताबिक बाढ़ और बारिश के कारण केरल में अबतक 187 लोगों की जान जा चुकी है। जबकि 14 जिलों के 2,406 गांव बारिश और बाढ़ से बुरी तरह से प्रभावित हैं। वहीं, जलप्रलय ने 26,400 हेक्टेयर खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचाया है। वहीं, मलप्पुरम, कोझिकोड, इडुक्की और वायनाड जिलों के विभिन्न स्थानों से भूस्खलन की सूचना मिल रही हैं।

Posted By: Tilak Raj

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