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तिरुवनंतपुरम, जेएनएन। केरल में कुदरत का ऐसा कहर बरपा है कि पिछले कई सालों का रिकॉर्ड टूट गया। 87 साल बाद केरल ने ऐसी बारिश देखी। बाढ़ के कारण लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। हालांकि राज्य के कई इलाकों में पानी कम हुआ है जिससे राहत और बचाव कार्यों को तेजी मिली है। इसी सिलसिले में केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने बाढ़ से निपटने के लिए आज शाम 4 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई है।

केरल बाढ़ गंभीर प्राकृतिक आपदा घोषित
केंद्र सरकार ने केरल की बाढ़ को गंभीर प्राकृतिक आपदा घोषित किया है। अब तक केरल में बारिश और बाढ़ में 350 से ज्‍यादा लोगों की जान चली गई। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि पिछले एक सप्ताह में बाढ़, बारिश और भूस्खलन के कारण हुए नुकसान को देख यह निर्णय लिया गया। जब किसी आपदा को दुर्लभ गंभीर/गंभीर प्रकृति का घोषित किया जाता है तो राज्य सरकार को राष्ट्रीय स्तर पर मदद दी जाती है।

केंद्र राष्ट्रीय आपदा कोष से भी अतिरिक्त मदद देने पर विचार कर रहा है। केरल में रविवार को बारिश थमने से लोगों ने थोड़ी राहत की सांस जरूर ली है, लेकिन अभी भी उनकी कठिनाई जस की तस है। सभी जिलों में जिलाधिकारी व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं।

Posted By: Manish Negi

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