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कोच्चि (एएनआइ)। केरल में भयंकर बारिश के बाद आई बाढ़ और भूस्खलन ने राज्य में हाहाकार मचा रखा है। आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित गया है। हजारों मकान बाढ़ के पानी में समा गए हैं, सड़कें धस गई। चारों ओर केवल पानी ही पानी नजर आ रहा है। बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। सेना व एनडीआरएफ की टीमों के अलावा स्थानीय मछुआरे भी अपनी नाव लेकर मदद के लिए आगे आए हैं। इस बीच केरल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 357 हो गई है। अकेले शनिवार को ही 33 लोगों की मौत हो गई। हालांकि केरल के जलप्रलय में सेना भगवान बनकर लोगों की मदद कर रही है। रविवार को भारतीय वायुसेना के गरुड़ स्पेशल फोर्स के विंग कमांडर प्रशांत ने अलप्पुझा के बाढ़ प्रभावित शहर में छत से एक बच्चे को एयरलिफ्ट कर बचाया।

सभी 14 जिलों से रेड अलर्ट हटा
इस बीच धीरे-धीरे बाढ़ से जूझ रहे केरल के हालात सुधर रहे हैं। पिछले दो दिनों में राज्य के कई इलाकों में बारिश में कमी देखी गई है। इसके चलते सभी 14 जिलों से रेड अलर्ट हटा लिया गया है। नौ अगस्त के बाद यह पहला मौका है, जब रेड अलर्ट हटाया गया है। हालांकि खतरे की कुछ आशंकाओं को देखते हुए 10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 2 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. प्रदेश के साथ-साथ केंद्रीय एजेंसियों ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। हालांकि भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक एर्नाकुलम, पथनमथिट्टा और अलप्पुझा जिले के कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।

राष्ट्रपति ने केरल के राज्यपाल व CM से की बात
इस बीच राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने केरल के राज्यपाल और मुख्यमंत्री से बात की और बाढ़ की स्थिति के बारे में जानकारी ली। राष्ट्रपति ने केरल के लोगों को भरोसा दिलाया कि इन परिस्थितयों में पूरा देश उनके साथ है।

राष्ट्रपति कोविंद ने संतोष व्यक्त किया कि केरल में बचाव और राहत कार्यों में केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम कर रही हैं। उन्होंने राज्य और केंद्रीय स्तर पर एनडीआरएफ और सार्वजनिक अधिकारियों की प्रतिक्रिया और प्रतिबद्धता के लिए प्रशंसा की।

कहीं स्कूल, तो कहीं अस्पताल राहत शिविर में परिवर्तित

- आलप्पुषा जिले में सरकारी स्कूल को राहत शिविरों में परिवर्तित किया गया है, कुल 115 लोगों ने शिविर में आश्रय लिया है। 

- वहीं, इडुक्की जिले के वन्दिपेरियर में एक पशु चिकित्सा अस्पताल को राहत आश्रय में परिवर्तित किया गया, जहां कुल 35 लोगों ने आश्रय लिया है।

- वहीं, रविवार सुबह 10 बजे इडुक्की डैम में पानी का स्तर 2402.28 फीट था। वहीं, पेरियार नदी में पानी का प्रवाह प्रति घंटे 913 क्यूसेक है। इस बीच बांध के दो शटर बंद कर दिए गए हैं। 

एयरलिफ्ट कर बचाई जा रहीं जिंदगियां

केरल में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए सेना, नौसेना, वायुसेना, तटरक्षक एवं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) सहित सभी एजेंसियों ने अतिरिक्त संसाधनों को जुटाने का फैसला किया है। युद्धस्तर पर जारी रेस्क्यू ऑपरेशन में नौसेना की 46, वायुसेना की 13 और थलसेना की 18 टीमों के साथ कोस्ट गार्ड और एनडीआरएफ की टीमें दिन-रात लोगों को बचाने में जुटी हैं। इस बीच बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे बड़ी संख्या में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को एयरलिफ्ट कर बचाया जा रहा है। एनडीआरएफ की टीमें जमीन पर, तो वायुसेना के हेलीकॉप्टर आसमान से पीड़ितों की मदद कर रहे हैं। इस बीच कई इलाकों में हो रही लगातार बारिश राहत-बचाव कार्य के लिए चुनौती बनी हुई है। 

शवों को बरामद करना काफी मुश्किल 
आरएएफ की टीम ने पलक्कड़ जिले के नेम्मारा इलाके से लैंडस्लाइड के बाद एक शव बरामद किया। आरएएफ कोयंबटूर यूनिट के डेप्युटी कमांडेंट का कहना है कि हमने इस इलाके से कुल 10 शव बरामद किए हैं। इलाके में भूस्खलन लगातार जारी है। शवों को बरामद करना काफी मुश्किल काम हो रहा है।

केरल में जलप्रलय

3.53 लाख लोग 3026 राहत शिविरों में

इस बीच बारिश और बाढ़ की मार झेल रहे केरल के 3.53 लाख पीड़ित लोग 3026 राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। 40,000 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें बर्बाद हो गई हैं। 1,000 से ज्यादा घर पूरी तरह से नष्ट हो गए जबकि 26,000 घरों को नुकसान पहुंचा है। कुल मिलाकर केरल बाढ़ में अब तक 21,000 करोड़ का नुकसान हो चुका है।

इस बीच कोच्चि में नेवल स्टेशन आइएनएस गरुड़ पर नेवल अडवांस्ड हेलीकॉप्टर, चेतक हेलीकॉप्टर और नेवल सी किंग हेलीकॉप्टर में बाढ़ में फंसे हुए लोगों के लिए राहत सामग्री लोड की गई। ताकि जरुरतमंद लोगों तक इसे पहुंचाया जा सके।

उधर, ओडिशा के भुवनेश्वर से 240 अग्निशमन कर्मियों को एक विशेष वायुसेना के विमान द्वारा केरल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, हरियाणा समेत देश के कई राज्य केरल की मदद के लिए आगे आए हैं।

सांसद और विधायक देंगे एक माह का वेतन
केरल में बाढ़ से हुई भारी तबाही को देखते हुए कांग्रेस ने अपने सांसदों और देश भर के अपने विधायकों का एक महीने का वेतन राहत सहायता के लिए दान देने का फैसला किया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सभी प्रदेश इकाईयों के नेताओं के साथ हुई बैठक के दौरान यह निर्णय लिया। केरल में बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित कर केरल को और अधिक सहायता देने की मांग भी की है। बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए राहुल ने कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी केरल की मदद का अनुरोध किया है। केरल के पड़ोसी राज्यों पुड्डचेरी और कर्नाटक में कांग्रेस ने राहत समितियां बनाई हैं जो सहायता पहुंचाने में जुट गई हैं। राहुल गांधी ने दो ट्वीट के जरिये प्रधानमंत्री से केरल की बाढ़ आपदा की गंभीरता को देखते हुए अधिक उदार सहायता की जरूरत बताई। कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री से कहा कि केरल की बाढ़ को बिना देर किए राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाना चाहिए। इसके अलावा आप विधायक और सांसद भी अपने एक माह का वेतन केरल में बचाव और राहत के लिए देंगे।

यूपी भी करेगा मदद
केंद्र सरकार द्वारा मदद की घोषणा के बाद उप्र सरकार ने भी केरल के बाढ़ पीड़ितों के लिए 15 करोड़ रुपये मदद देने की घोषणा की है। उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके अलावा वहां राहत सामग्री और जरूरी दवाएं भेजने के भी निर्देश दिये हैं।  योगी ने स्वयंसेवी संस्थाओं एवं समाजसेवियों से भी केरल के लोगों की बढ़-चढ़कर मदद करने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि आपदा की इस घड़ी में उप्र सरकार और यहां के लोग केरलवासियों के साथ हैं। उन्होंने बाढ़ से हुई जान-माल की क्षति पर दुख भी जताया है।

यूएन महासचिव ने जताया दुख
संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के महासचिव एंटोनियो गुतेरस ने केरल में आई भयानक बाढ़ से लोगों की मौत पर दुख जताया है। गुतेरस के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने कहा, ‘भारत में बाढ़ से हुई मौतों, तबाही और बेघर हुए लोगों के प्रति गुतेरस ने दुख प्रकट किया है। मुश्किल हालात में हम भारत की हरसंभव मदद करने को तैयार हैं। हालांकि, अभी तक ऐसी कोई गुजारिश नहीं की गई है। वैसे, भारत इस तरह के हालात से निपटने में खुद सक्षम है। ’



यूएई ने मदद के लिए बढ़ाया हाथ
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के प्रधानमंत्री मुहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने केरल बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए एक समिति का गठन किया है। मकतूम ने शुक्रवार को अंग्रेजी व तमिल में ट्वीट किया, ‘हमारी सफलता के पीछे केरल के लोगों का सहयोग था और अभी भी है, इसलिए यह हमारी विशेष जिम्मेदारी बनती है कि हम उनकी इस कठिन समय में मदद करें।’

एक नजर में

- अबतक राज्य को कुल 21,000 करोड़ का नुकसान हो चुका है।

- राहत और बचाव के काम में जुटी टीमों ने करीब 82,442 लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।

- इनमें 71,000 से ज्यादा लोग बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित एर्नाकुलम क्षेत्र से थे।

Posted By: Nancy Bajpai

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