तिरुअनंतपुरम, एजेंसियां। केरल विधानसभा की कार्य मंत्रणा समिति ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसमें राज्यपाल आरिफ मुहम्मद खान को वापस बुलाने की मांग की गई थी। अत: नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का समर्थन करने पर राज्यपाल के खिलाफ केरल विधानसभा में अब कोई प्रस्ताव पेश नहीं किया जाएगा।

विपक्ष के नेता और कांग्रेस सदस्य रमेश चेन्नीथला के लाए प्रस्ताव को राज्यपाल को वापस बुलाने के लिए राष्ट्रपति को भेजा जाना था। दरअसल, राष्ट्रपति से ऐसी अपील करके ही किसी राज्यपाल को उनके पद से हटाया जा सकता है। विपक्ष के इस प्रस्ताव में आरोप लगाया गया था कि राज्यपाल ने सभी लोकतांत्रिक सिद्धांतों का उल्लंघन किया है और सार्वजनिक रूप से विधायिका के सम्मान पर सवालिया निशान लगाया है।

सत्तारूढ़ वामपंथी सरकार के कानून मंत्री एके बालन ने इस फैसले के संबंध में संवाददाताओं को बताया कि राज्य सरकार केवल नियमों के अनुसार चलना चाहती है और वह संविधान की भावना के विपरीत नहीं जाना चाहती। इससे पहले, चेन्नीथला ने विगत 29 जनवरी को बजट सत्र में प्रस्ताव पेश करने को लेकर एक नोटिस विधानसभा अध्यक्ष पी. श्रीरामकृष्णन को सौंपा था।

तब विधानसभा अध्यक्ष ने भी माना था कि नोटिस देना उचित है और इस पर अंतिम निर्णय कार्य मंत्रणा समिति ही लेगी। हालांकि, पिनरई विजयन के नेतृत्व वाली वामपंथी सरकार ने इसका विरोध किया था, जबकि चेन्नीथला ने मीडिया से कहा कि उन्होंने विधानसभा के नियमों के तहत ही प्रस्ताव पेश करने के लिए नोटिस दिया था, लेकिन इस पर विचार नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि वह फिर से इस मुद्दे को उठाएंगे।

विधानसभा के सूत्रों के अनुसार, विपक्ष ने इस प्रस्ताव की सामग्री पर चर्चा के लिए समय मांगा, लेकिन कार्य मंत्रणा समिति इस निष्कर्ष पर पहुंची कि विधानसभा के इस सत्र में समय कम होने के कारण चर्चा नहीं हो सकेगी। ध्यान रहे कि चेन्नीथला ने सीएए के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पेश किए जाने का विरोध किया था और केंद्र के इस कानून के खिलाफ बिना बताए सुप्रीम कोर्ट जाने पर भी राज्यपाल के कड़ा ऐतराज जताने पर अपना विरोध दर्ज किया था। 

Posted By: Krishna Bihari Singh

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