नई दिल्ली, एएनआइ। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव आरपी सिंह ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से कहा है कि वह करतारपुर साहिब जाने वालों से श्रद्धालुओं से 20 डॉलर (लगभग 1400 रुपये) का शुल्क लेने का फैसला वापस ले लें। उन्होंने कहा कि आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को अगर गुरुद्वारे के विकास पर खर्च दिए गए पैसे वापस चाहिए तो सिख उसे भेज देंगे।

भाजपा नेता ने कहा कि यह बहुत दुख की बात है कि पाकिस्तान तीर्थयात्रा सेवा के नाम पर जजिया (गैर मुस्लिमों पर कर) वसूलने की तैयारी में है। प्रत्येक श्रद्धालुओं पर 20 डॉलर के हिसाब से पाकिस्तान साल में 225 करोड़ रुपये कमा सकता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान यह बताए कि उसने करतारपुर गुरुद्वारे के विकास पर कितना धन खर्च किया है। सिख वो पैसा उसे लौटा देंगे। 

इस बीच, पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी (Shah Mahmood Qureshi) ने कहा है कि मैंने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) को करतारपुर कॅरिडोर (Kartarpur Corridor) के उद्घाटन समारोह में आमंत्रित किया था। मैं उनका धन्‍यवाद करता हूं कि उन्‍होंने मुझे पत्र लिखा और कहा कि मैं आऊंगा, लेकिन मुख्‍य अतिथि के रूप में नहीं, बल्कि एक आम आदमी के तौर पर... कुरैशी ने यह भी कहा कि यदि मनमोहन सिंह आम आदमी के तौर पर भी आते हैं तो हम उनका स्‍वागत करेंगे।  

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब के गुरदासपुर स्थित डेरा बाबा नानक में आठ नवंबर को करतारपुर कॅरिडोर का श्रीगणेश करेंगे। पंजाब के मुख्‍यमंत्री अमरिंदर सिंह ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री मोदी को सुल्तानपुर लोधी में होने वाले उद्घाटन समारोह के लिए निमंत्रण दिया था। वहीं दूसरी ओर पाकिस्‍तान में नौ नवंबर को यह कॉरिडोर खोला जाएगा। वहीं कंगाली के दौर से गुजर रहे पाकिस्‍तान के पीएम इमरान खान ने उम्‍मीद जताई है कि करतारपुर कॉर‍िडोर के खुलने से पाकिस्‍तान की अर्थव्‍यवस्‍था में मजबूती आएगी। 

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