बेंगलुरु, प्रेट्र। कर्नाटक में संभावित नेतृत्व परिवर्तन को लेकर रहस्य बरकरार है। मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि वह पद पर बने रहेंगे या नहीं यह सोमवार को पता चलेगा, लेकिन भाजपा के लिए अभी अगले 10 से 15 सालों तक काम करते रहेंगे। वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राज्य में नेतृत्व को लेकर जारी अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री येदियुरप्पा बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। कर्नाटक में पिछले दो दशकों से भाजपा का चेहरा बने 78 वर्षीय येदियुरप्पा लिंगायत समुदाय से आते हैं।

कर्नाटक में पिछले दो दशकों से भाजपा का चेहरा बने लिंगायत स्ट्रांगमैन

समाचार एजेंसी आइएएनएस के मुताबिक रविवार को उनके समर्थन में लिंगायत समुदाय के दो सौ से ज्यादा संत भी आगे आए। इनमें से एक धड़ा यह भी कह रहा है कि हर पंथ के लिंगायत समुदाय के संतों को अपनी अलग पार्टी बनानी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उत्तर प्रदेश की तरह उन्हीं में से कोई राज्य का मुख्यमंत्री बने। संतों की इस लामबंदी को येदियुरप्पा की तरफ से इसे दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

राज्य में लिंगायत समुदाय की आबादी 15 फीसद है। येदियुरप्पा ने रविवार की शाम को कहा कि उन्हें अभी पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से यह संदेश नहीं मिला है कि उन्हें पद पर बने रहना है या इस्तीफा देना है। उन्होंने सोमवार सुबह तक कोई न कोई संदेश मिल जाने का विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पार्टी का अनुशासित कार्यकर्ता होने के नाते केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों को मानना उनका कर्तव्य है। येदियुरप्पा सरकार की आज दूसरी वर्षगांठमुख्यमंत्री ने कहा कि सोमवार को पहले से तय कार्यक्रम में अपनी उपलब्धियां बताएंगे। उसके बाद जो कुछ भी होगा उसके बारे में सभी को पता चल जाएगा।

सोमवार यानी 26 जुलाई को उनकी सरकार के दो साल हो जाएंगे। निर्बाध चल रही सरकार इस बीच, पणजी में भाजपा अध्यक्ष नड्डा ने येदियुरप्पा की उनके अच्छे कार्यो के लिए सराहना की। नड्डा ने कहा, 'यह अच्छा है, उन्होंने बढि़या काम किया है। कर्नाटक सरकार बिना किसी के बाधा के चल रही है।' राज्य में नेतृत्व संकट के सवाल पर नड्डा ने कहा, 'ऐसा आप महसूस कर रहे होंगे, हम नहीं।'

गोवा में सावंत ही होंगे चेहरा

गोवा चुनाव पर नड्डा ने कहा कि अगला विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा, किसी दूसरे चेहरे की जरूरत नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस पर अंतिम फैसला पार्टी संसदीय बोर्ड द्वारा ही लिया जाएगा। उन्होंने सावंत की सराहना करते हुए कहा कि गोवा में उन्होंने हर क्षेत्र में विकास का अच्छा काम किया है। कांग्रेस ने की चुनाव की मांग वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने कहा कि भाजपा सरकार पर विफल रहने का आरोप लगाते हुए चुनाव कराने की मांग की।

येदियुरप्पा के उत्तराधिकारी के रूप में संतोष का नाम सबसे आगे

आइएएनएस के मुताबिक भाजपा नेतृत्व भले ही राज्य में नेतृत्व संकट की अटकलों को खारिज कर रहा है, लेकिन अंदर ही अंदर येदियुरप्पा के उत्तराधिकारी के चयन की प्रक्रिया में भी जुट गया है। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष का नाम आगे चल रहा है। संतोष ब्राह्मण समाज से आते हैं जिनकी राज्य में दो फीसद आबादी है। इसके अलावा शीर्ष नेतृत्व लिंगायत समुदाय से आने वाले लक्ष्मण सुवैदी को बनाए रखते हुए चार उप मुख्यमंत्री पर भी विचार कर रहा है। इसमें लिंगायत के अलावा वोक्कालिगा, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अनुसूचित जाति (एससी)/अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय से एक-एक उप मुख्यमंत्री शामिल होंगे।

 

 

Edited By: Arun Kumar Singh